रेलवे ने 1 जुलाई से किराया बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे देशभर में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर असर पड़ेगा। यह बदलाव मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और प्रीमियम ट्रेनों पर लागू होगा। हालांकि, सबअर्बन ट्रेनों और मासिक/त्रैमासिक सीजन टिकट (एमएसटी व क्यूएसटी) धारकों के लिए किराया यथावत रहेगा।
रायपुर-दुर्ग मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
रायपुर से गुजरने वाली 30 से अधिक ट्रेनों में बढ़ा हुआ किराया लागू किया गया है। इस रूट पर प्रतिदिन करीब 35,000 से 50,000 यात्री सफर करते हैं। रेलवे को अनुमान है कि केवल इस रूट से उसे सालाना 13 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी होगी।
सभी श्रेणियों में बदलाव
रेल मंत्रालय द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, जनरल से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक सभी श्रेणियों में किराया बढ़ाया गया है। एसी चेयर कार, एसी थ्री टियर, थ्री इकोनॉमी, एसी टू टियर, फर्स्ट एसी और एक्जीक्यूटिव क्लास में अब दो पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अधिक भुगतान करना होगा।
प्रमुख ट्रेनों में भी बढ़ा किराया
बढ़ोतरी सिर्फ सामान्य ट्रेनों तक सीमित नहीं है। वंदे भारत, तेजस, शताब्दी, राजधानी, दुरंतो, हमसफर, गरीब रथ, जन शताब्दी जैसी वीआईपी और प्रीमियम ट्रेनों के किराए में भी संशोधन हुआ है। विशेष कोच जैसे एसी विस्टाडोम और अनुभूति कोच में भी नया किराया लागू हो गया है।
छोटी दूरी वालों को राहत, लंबी दूरी वालों को झटका
रेलवे ने 500 किमी तक की यात्रा पर कोई बढ़ोतरी नहीं की है। लेकिन इससे अधिक दूरी तय करने वालों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। जनरल सेकंड क्लास (ऑर्डिनरी) में:
501–1500 किमी: ₹5 अधिक
1501–2500 किमी: ₹10 अधिक
2501–3000 किमी: ₹15 अधिक
फर्स्ट क्लास और स्लीपर क्लास ऑर्डिनरी में भी अब प्रति किलोमीटर आधा पैसा अधिक देना होगा। इससे लंबी दूरी के यात्रियों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
रेलवे का यह कदम भले ही राजस्व बढ़ाने की दिशा में कारगर माना जा रहा हो, लेकिन यात्रियों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ा है।