रायपुर। राजधानी में अवैध निर्माणों को वैध कराने के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने कई मामलों को खारिज कर दिया था, लेकिन इन फैसलों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और नगर निगम कार्यालयों में इन मामलों की फाइलें धूल फांक रही हैं।
हालांकि नियमों के मुताबिक जिन निर्माणों की नियमितीकरण अर्जी खारिज होती है, उन पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई होनी चाहिए थी। लेकिन सच्चाई ये है कि शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में एक भी अवैध निर्माण पर प्रशासन का हथौड़ा नहीं चला है।
दो साल पहले अवैध निर्माण को वैध करने का नियम भी समाप्त हो चुका है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सरकारी विभागों की निष्क्रियता बनी हुई है।
बोरियाकला में अवैध होटल से मचा हड़कंप
हाल ही में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के क्षेत्र बोरियाकला में एक पांच मंजिला अवैध होटल का मामला सामने आया है। यह होटल पचपेड़ी नाका–धमतरी हाईवे के पास बिना किसी नक्शे या अनुमति के करीब 5000 वर्गफुट में बना दिया गया। निर्माणकर्ता किशोर और अनिल पृथवानी ने सड़क से 100 मीटर की दूरी के नियम को भी दरकिनार कर निर्माण पूरा करवा दिया।
कमेटी ने 12 दिसंबर 2024 को इस निर्माण को अवैध घोषित कर दिया था और आवेदन खारिज कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और फाइल विभाग में बंद कर दी गई।
खुद हटाएं निर्माण, नहीं तो चलेगा बुलडोजर: अधिकारी
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक विनीत नायर ने कहा है कि जिन मामलों में आवेदन निरस्त हुए हैं, उन्हें हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। यदि निर्माणकर्ता खुद निर्माण नहीं हटाते हैं, तो विभाग बुलडोजर की कार्रवाई करेगा।
बेचने की फिराक में है निर्माणकर्ता
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक निर्माणकर्ता अब इस होटल को किसी प्रभावशाली नेता को बेचने की कोशिश कर रहा है ताकि कार्रवाई से बच सके। लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से सौदेबाजी की चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक कोई सौदा फाइनल नहीं हो पाया है।
बोरियाकला के खसरा नंबर 1433/1, 1433/3 और 557.62 वर्गमीटर पर बने इस होटल को विभागीय रिकॉर्ड में 14 जुलाई 2022 के बाद के अवैध निर्माण के रूप में दर्ज किया गया है। लेकिन महीनों से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
निष्क्रियता और सौदेबाजी की चर्चाओं के बीच अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और कानून का पालन करवाता है।