छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। तखतपुर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि ठगी का शिकार बनने वाले व्यक्ति को भी आरोपी बनाकर हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, सकरी क्षेत्र के ग्राम बरेला जरहागांव निवासी सूर्यकांत जायसवाल ने अपने बच्चों को खाद्य निरीक्षक, हॉस्टल अधीक्षक और पटवारी जैसे पदों पर नौकरी दिलाने के लालच में वर्ष 2022 से 2023 के बीच निगरबंद निवासी विष्णु प्रसाद राजपूत (67), विनोबानगर की सीमा सोनी (29) और जावेद खान को किस्तों में कुल 43 लाख रुपये दिए थे।
जांच में सामने आया कि उक्त धनराशि पूरी तरह से गैरकानूनी तरीके से नौकरी पाने के उद्देश्य से दी गई थी, और नौकरी दिलवाने का कोई वैध आधार नहीं था। कोटा के एसडीओपी भारती मरकाम की जांच में ठगी की पुष्टि हुई।
चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद पैसा देने वाला सूर्यकांत भी कानून की नजर में दोषी पाया गया, क्योंकि उसने सरकारी पद पाने के लिए गलत रास्ता अपनाया। इस आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस गिरोह का एक अन्य आरोपी जावेद खान उर्फ राजा पहले से ही जेल में बंद है।
मुख्य बिंदु:
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 43 लाख की ठगी
तीन आरोपी गिरफ्तार, पीड़ित को भी आरोपी बनाया गया
रिश्वत देकर नौकरी पाने की कोशिश करने वाला पहली बार बना आरोपी
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए सभी आरोपी
यह मामला न केवल धोखाधड़ी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अवैध तरीके से सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वालों पर भी अब कानून सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।