बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) द्वारा परीक्षा से संबंधित जानकारी नहीं दिए जाने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह 30 दिनों के भीतर अभ्यर्थी को मांगी गई सूचना प्रदान करे।
यह मामला रायपुर के निवासी चंद्रकांत पांडेय से जुड़ा है, जिन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत PSC की एक भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक और मुख्य चरण में प्राप्त अंकों की जानकारी मांगी थी। आयोग ने जानकारी देने से यह कहकर मना कर दिया कि संबंधित याचिका अभी अदालत में लंबित है।
इसके बाद चंद्रकांत ने राज्य सूचना आयोग में अपील की, जहां 10 जनवरी 2019 को आयोग ने PSC को निर्देश दिया था कि मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लेकिन PSC ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि जब तक याचिका पर निर्णय नहीं होता, तब तक जानकारी देना उचित नहीं होगा।
हालांकि, सुनवाई के दौरान PSC के वकील आनंद मोहन तिवारी ने बताया कि संबंधित याचिका पर सितंबर 2024 में निर्णय हो चुका है और अब जानकारी देने में कोई अड़चन नहीं है। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले — केरल लोक सेवा आयोग बनाम राज्य सूचना आयोग — का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा अंकों की जानकारी देना पूरी तरह वैध है और चयनित उम्मीदवारों के अंक पहले ही आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने PSC को आदेश दिया कि वह RTI के तहत मांगी गई जानकारी 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराए। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया।