छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में प्रस्तावित 5 शराब भट्ठियों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। इनमें से एक ग्राम खौली में लोगों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए धरने की शुरुआत कर दी। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि पालकों के आह्वान पर किसी भी छात्र ने स्कूल में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि विरोध केवल वयस्कों तक सीमित नहीं बल्कि पूरे गांव का है।
धरने में खौली सहित आसपास के कई गांवों के नागरिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक शराब दुकान खोलने का निर्णय रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल माह में जब शराब दुकान खोलने की खबर सामने आई थी, तभी से खौलीवासियों ने विरोध की शुरुआत कर दी थी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के पास अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी और कथित रूप से उन्हें आश्वासन भी मिला था। लेकिन हाल ही में दुकान के लिए स्थल चयन हेतु निविदा आमंत्रित किए जाने पर एक बार फिर लोगों में नाराजगी फैल गई और आंदोलन तेज हो गया।
धरने में वतन चंद्राकर, खिलेश देवांगन, अजय वर्मा, योगेश साहू, दिनेश ठाकुर, आयुष दुबे, गायत्री परिवार के सदस्य, डिघारी महिला संगठन की सदस्याएं और कई पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने खौली के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे इस संघर्ष में पूरी तरह साथ हैं और जब तक शराब दुकान नहीं हटाई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।