रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से शुरू होकर 18 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में जबरदस्त सियासी घमासान होने की संभावना जताई जा रही है। इस सत्र में कुल पांच बैठकें होंगी, जिसमें अब तक विधायकों द्वारा 996 सवाल लगाए जा चुके हैं।
समय की सीमितता को देखते हुए विपक्ष हर दिन स्थगन प्रस्ताव लाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसकी अंतिम योजना नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अगुवाई में होने वाली विधायक दल की बैठक में तय की जाएगी, जिसमें किन मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा, उसका फैसला लिया जाएगा।
विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के विधायकों के तेवर भी इस बार तीखे रहने की उम्मीद है। भाजपा सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष हमलावर रुख अपना सकता है।
विपक्ष की प्रमुख चिंताओं में खाद और बीज की भारी कमी है, जिससे किसान बेहाल हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर पहले से ही सड़कों पर आंदोलन कर रही है और अब इसे विधानसभा में भी ज़ोरशोर से उठाने की तैयारी है।
इसके अलावा अवैध रेत और शराब कारोबार, भारत माला परियोजना में कथित घोटाला जैसे मसले भी सदन का पारा चढ़ा सकते हैं।
कैबिनेट बैठक 30 जून को, होंगे अहम फैसले
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 जून को दोपहर 12 बजे मंत्रालय में कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि मुख्य सचिव अमिताभ जैन इस दिन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी विदाई और नए मुख्य सचिव का स्वागत भी इसी बैठक में होगा।
इसके साथ ही शांति नगर परियोजना को मंजूरी मिल सकती है, वहीं अतिशेष धान के निपटान को लेकर भी निर्णय लिए जाने की संभावना है।