Home Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी भूमिका: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य की प्रगति और केंद्र-राज्य समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह परिषद विकास की दिशा में एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि परिषद ने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए विकास की गति तेज की है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में परिषद के प्रयास निर्णायक रहे हैं।

नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार, बस्तर में विकास की नई सुबह

मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और राज्यों के सहयोग से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे कुख्यात नक्सल नेताओं के मारे जाने से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में बोधघाट-महानदी-इंद्रावती लिंक परियोजना और रावघाट-जगदलपुर रेललाइन जैसे विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

विकास और सुशासन को मिली नई दिशा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछली परिषद बैठक में सुझाए गए प्रस्तावों पर तेजी से कार्य हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं स्थापित की गई हैं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार हुआ है और 82,000 से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला गया है। इसके अलावा, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच मिला है।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2% पात्र नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1033 सरकारी अस्पताल योजना से जुड़े हैं।

ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3.5 लाख करोड़ केवल पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ आज विद्युत उत्पादन में देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, और 2030 तक पहले स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य है। राज्य में शहरी क्षेत्रों को औसतन 23 घंटे 51 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों को 23 घंटे 27 मिनट बिजली आपूर्ति हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है।

सशक्त पंचायतें, डिजिटल सेवाएँ और दुग्ध उत्पादन में नई क्रांति

श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब तक डेढ़ लाख से अधिक सोलर पंप किसानों को सिंचाई सुविधा दे रहे हैं। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समझौते से दुग्ध उत्पादन को नई दिशा मिलेगी। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों से पंचायतों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिला है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी कार्यान्वयन से नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।

विकास और सुशासन का प्रतीक बनता छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में, विकसित भारत के निर्माण में पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद संवाद और सहयोग का एक ऐसा मंच बन चुकी है, जिससे छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयाँ हासिल हो रही हैं।