रायपुर के रहने वाले ऋषभ पांडा ने वह कर दिखाया है जो लाखों छात्र सिर्फ सपना देखते हैं। उन्होंने न सिर्फ देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नीट को क्रैक किया, बल्कि जेईई में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 99 पर्सेंटाइल से ज्यादा अंक हासिल किए। ऋषभ की मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति ने उन्हें दोहरी सफलता दिलाई है।
ऋषभ ने बताया कि हाईस्कूल के बाद उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बना ली थी। वे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे और खुद के बनाए हुए नोट्स से रिवीजन करते रहते थे। उन्होंने 11वीं से ही नीट की तैयारी के साथ-साथ जेईई की भी तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए उन्होंने 12वीं में गणित को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना, क्योंकि उन्हें बचपन से ही गणित पसंद था।
ऋषभ का मानना है कि नियमित अभ्यास और एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई ही उनकी सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि वे आम दिनों में रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के बाद नीट और जेईई की गहराई से तैयारी के लिए उन्होंने 12 से 13 घंटे तक अध्ययन किया। उन्होंने मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के पेपर भी हल किए, जिससे उन्हें परीक्षा पैटर्न को समझने में काफी मदद मिली।
नीट में ऋषभ को 2066 ऑल इंडिया रैंक प्राप्त हुई है, जबकि जेईई में उन्होंने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते हैं, क्योंकि उनके लिए लोगों का जीवन बचाने से बड़ी कोई सेवा नहीं है। वे गोरखपुर स्थित एस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने की कोशिश कर रहे हैं, जहां उनकी रैंक के आधार पर अच्छे अवसर मिलने की संभावना है।
अपनी सफलता का श्रेय ऋषभ ने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिनका मार्गदर्शन और समर्थन उन्हें निरंतर प्रेरित करता रहा। ऋषभ की यह सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।