रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुखातिब होते हुए तर्क दिया कि चुनाव से पहले “डबल इंजन” सरकारों का वादा था, लेकिन अब ऐसा क्यों नहीं दिख रहा। मानसून के आगमन के बाद भी किसानों को डीएपी खाद और बीज नहीं मिल पाने की स्थिति के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। बैज के अनुसार, खरीफ की बुवाई का मौसमी समय चल रहा है पर 4.5 लाख मीट्रिक टन की कुल जरूरत में से मात्र 81 हजार टन खाद उपलब्ध है।
उनका कहना था कि खाद–बीज की कमी के कारण किसानों को लगातार परेशानियों से जूझना पड़ रहा है और यह पूरी दुहाई है कि डबल इंजन सरकार किसानों के हित में काम कर रही है ।
धान खरीदी को लेकर भी बैज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदा गया लगभग 35 लाख मीट्रिक टन धान खुले में रखी हुई है, जिस पर किसी भी प्रकार का निपटान योजना नहीं बनी है। इसके परिणामस्वरूप धान सड़कर खराब हो सकता है, जिससे किसानों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है ।
बैज ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह छत्तीसगढ़ के लिए केंद्रीय पूल में से पर्याप्त डीएपी खाद और अन्य उर्वरकों के कोटे जारी नहीं कर रही, जबकि राज्य में खरीफ सीजन चल रहा है और खेती की बुवाई की तैयारी जोरों पर है ,उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में खाद और बीज की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस इसके विरोध में बड़ा आंदोलन करेगी .
इस सारे मुद्दे को लेकर बैज ने केंद्र और राज्य की “डबल इंजन” सरकारों पर सवालिया निशान खड़े किए कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा, जब राज्य का किसान ही अपनी प्रमुख फसल की खरीद और खाद–बीज की व्यवस्था नहीं करा पा रहा है।