रविवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के अस्थायी परिसर का भूमिपूजन किया और I-Hub रायपुर का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को आधुनिक और वैज्ञानिक आधार देने की दिशा में ऐतिहासिक है।
शाह ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसा हो रहा है कि वर्षा ऋतु में भी सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ सक्रिय रहेंगे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने और राज्य के विकास में शामिल होने की अपील की।
268 करोड़ रुपये की लागत से NFSU का स्थायी परिसर और केंद्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब विकसित की जा रही है। यह संस्थान फॉरेंसिक साइंस, साइबर सुरक्षा, और व्यवहार विज्ञान जैसे विषयों में शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दिन को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया और कहा कि इससे राज्य को नई पहचान मिलेगी। वहीं, आई-हब को लेकर शाह ने कहा कि यह मंच युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ने में सहायक होगा और तकनीकी, वित्तीय और प्रोफेशनल सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
NFSU में स्नातक, परास्नातक और शॉर्ट टर्म कोर्स होंगे जो साइबर क्राइम, डिजिटल फॉरेंसिक, ड्रग एनालिसिस और ट्रैफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को मजबूत बनाएंगे। शाह ने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में रायपुर से भी वैश्विक स्तर के स्टार्टअप्स उभरेंगे।
इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।