रायपुर में बारिश के मौसम की शुरुआत, स्कूल-कॉलेजों के खुलने और हाल ही में अहमदाबाद फ्लाइट क्रैश जैसी घटनाओं का सीधा असर हवाई यात्राओं पर देखा जा रहा है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में 3.55% की गिरावट आई है। फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबरों और सुरक्षा को लेकर बढ़ते डर के कारण लोग अब हवाई यात्रा से दूरी बना रहे हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, 2 से 8 जून के बीच जहां 62,500 यात्रियों का आवागमन हुआ, वहीं 9 से 15 जून के बीच यह घटकर 60,282 रह गया। यानी महज एक हफ्ते में 2,217 यात्रियों की कमी दर्ज की गई। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि मानसून के साथ ही शिक्षा संस्थानों के शुरू होने से यात्राएं सामान्य तौर पर कम हो जाती हैं, वहीं सुरक्षा कारणों ने इस बार डर और बढ़ा दिया है।
इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है। अहमदाबाद फ्लाइट हादसे और ईरान-इजराइल तनाव की वजह से लोग विदेश यात्रा से बच रहे हैं। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि त्योहारों के मौसम में एक बार फिर यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा।
दिल्ली अब भी सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बना हुआ है। रायपुर से दिल्ली के लिए रोजाना 6 फ्लाइटें चलती हैं, जिनसे प्रतिदिन 1500-1800 लोग सफर करते हैं। मुंबई और हैदराबाद के लिए कुल 7 फ्लाइटों से लगभग 2000 यात्रियों का आवागमन हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर, ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ है। रायपुर से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में जुलाई के अंत तक सीटें फुल हैं और वेटिंग 100 से पार पहुंच गई है। लोकल ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिल रही। कामकाजी मजदूरों की घर वापसी और खेती की शुरुआत के कारण रेल यात्रा पर दबाव और बढ़ गया है।