जिले में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण पर नकेल कसते हुए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने 17 जून की रात 10 घंटे तक चले अभियान में कुल 87 वाहनों को जब्त किया, जिनमें 77 ट्रैक्टर, 9 हाइवा और एक जेसीबी शामिल हैं। यह एक साथ की गई सबसे व्यापक और कठोर कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे रेत माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है।
खनिज अधिकारी अनिल साहू ने जानकारी दी कि इस संयुक्त कार्रवाई में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीमों ने उन इलाकों को मुख्य रूप से निशाना बनाया, जहां पूर्व में अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल चुकी थीं। साथ ही बम्हनीडीह तहसील के तीन गांवों में अवैध खनन और परिवहन के लिए बनाए गए रास्तों को भी बंद कर दिया गया।
प्रशासन ने जिले की सीमाओं पर – कोरबा, सक्ती, बलौदा बाजार और बिलासपुर की ओर – नाकेबंदी कर कड़ी निगरानी रखी। कुल 9 टीमें गठित कर अलग-अलग स्थानों पर तैनात की गईं ताकि अवैध परिवहन को रोका जा सके। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ईंट भट्ठों और अवैध भंडारण पर भी हुई कार्रवाई
तहसील जांजगीर के ग्राम कनई और चांपा के महुदा (च) गांव में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान 15 अवैध भट्ठों से करीब 4.40 लाख ईंटें, और महुदा क्षेत्र से लगभग 2 लाख ईंटें जब्त की गईं। बम्हनीडीह तहसील में 61 ईंट भट्ठों पर छापेमारी कर उन्हें भी जब्त किया गया।
इसके अतिरिक्त ग्राम भादा में 4200 घन मीटर रेत के अवैध भंडारण का मामला सामने आया, जिस पर विभाग ने विधिवत कार्रवाई की है।
जिला प्रशासन की इस सघन एवं समन्वित कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अवैध खनन और भंडारण के विरुद्ध अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।