कोनी क्षेत्र में स्थित शराब दुकान को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने साफ कहा कि कोनी एक प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र है, जहां हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं, ऐसे में शराब दुकान की मौजूदगी समाज के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कोनी में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, हाईस्कूल सहित कई शिक्षण संस्थान संचालित हैं। शराब दुकान के चलते छात्राओं और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोग और शिक्षाविद भी कर रहे समर्थन
कोनी की इस शराब दुकान को हटाने की मांग केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है। इस मुद्दे पर स्थानीय ग्रामीण, स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं और शिक्षाविद भी एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी और स्कूल प्रबंधन ने भी इस विषय पर जिला प्रशासन से कई बार आग्रह किया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि शराब दुकान को स्थानांतरित करने के लिए विभाग के पास चार वैकल्पिक स्थान मौजूद हैं।
धार्मिक स्थल के समीप शराब दुकान पर विरोध
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिस जगह शराब दुकान संचालित हो रही है, वह धार्मिक रूप से भी संवेदनशील है। दुकान के समीप हनुमान मंदिर स्थित है, जो स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस नेता जावेद मेमन ने बताया कि दुकान के कारण वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो गया है, जिससे खासकर महिलाएं और छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द शराब दुकान नहीं हटाई तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे और इसके तहत चक्काजाम भी किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में जावेद मेमन, ऋषि पांडेय, विनोद साहू सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।