छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हालिया दिल्ली दौरे ने इस चर्चा को और हवा दे दी है। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इससे संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल में विस्तार संभव है। वर्तमान में दो मंत्री पद रिक्त हैं, जिनकी नियुक्ति की संभावना है।
लंबे समय से लंबित है विस्तार
राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार कई महीनों से टलता आ रहा है। पहले लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों के चलते यह मामला आगे बढ़ा नहीं। फिर बजट सत्र से पहले विस्तार की चर्चा चली, लेकिन दावेदारों को मायूसी हाथ लगी। अब सुशासन तिहार के बाद सीएम का दिल्ली दौरा नए संकेत दे रहा है।
दावेदारों की लंबी कतार
पार्टी संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दो पदों के लिए कई नाम सामने आए हैं, जिससे चयन में देरी हो रही है। संगठन इस बात का खास ध्यान रख रहा है कि जातीय और भौगोलिक संतुलन बना रहे। बताया जा रहा है कि बस्तर से एक चेहरा मंत्रिमंडल में आना लगभग तय है, जबकि बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग क्षेत्रों में भी दावेदारी की जोर-आजमाइश जारी है।
पुराने चेहरों की जगह नए को तरजीह
पूर्ववर्ती रमन सरकार के कई मंत्री अब मंत्री पद से बाहर हैं और संगठन युवा और नए चेहरों को प्राथमिकता देना चाहता है। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल विभागीय कार्यों का मूल्यांकन किया, बल्कि मंत्रियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखी। ऐसे में यह भी चर्चा है कि अगर कोई बदलाव हुआ तो प्रदर्शन आधारित हो सकता है।
मौजूदा मंत्रियों को राहत
हालांकि फिलहाल किसी मौजूदा मंत्री को हटाए जाने की संभावना कम ही बताई जा रही है। चुनावी व्यस्तताओं के चलते वर्तमान मंत्रियों को खुद को साबित करने का समय कम मिला है। फिर भी सीएम लगातार विभागीय कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं।
राज्यपाल से मुलाकातें बढ़ीं
पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री और कुछ विधायकों की राज्यपाल से हुई मुलाकातों ने भी राजनीतिक गलियारों में कयासबाज़ी बढ़ा दी है। हालांकि इसे औपचारिक भेंट बताया जा रहा है। फिर भी इन मुलाकातों का समय और क्रम मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है।