राजधानी रायपुर का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से नया रूप लेने जा रहा है। अमृत भारत योजना के अंतर्गत लगभग 370 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि यात्रियों को यहां एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
विस्तृत सुविधाओं से सुसज्जित होगा स्टेशन परिसर
फिलहाल स्टेशन परिसर में नई नींव डालने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़क को चौड़ा करने का कार्य भी आरंभ हो गया है। गुढ़ियारी के भारत माता चौक से स्टेशन तक का रास्ता अब पहले से अधिक चौड़ा होगा, जिससे मोहबाबाजार, कोटा, टाटीबंध, उरला, गोगांव जैसे क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सीधा स्टेशन तक पहुंचने में आसानी होगी।

री-डेवलपमेंट प्लान में तीन प्रमुख स्टेशन
इस योजना में बिलासपुर रेलवे ज़ोन के तीन मुख्य स्टेशनों – रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग – को शामिल किया गया है। सबसे पहले रायपुर स्टेशन का टेंडर फाइनल हुआ और अब यहां पर प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
स्टेशन की प्रमुख सुविधाएं जो यात्रियों को मिलेंगी:
16 एस्केलेटर और 42 लिफ्ट: हर प्लेटफॉर्म और हिस्से तक पहुंचना आसान होगा।
विशाल कॉनकोर्स एरिया और वातानुकूलित प्रतीक्षालय: आरामदायक माहौल और बैठने की बेहतर व्यवस्था।
छत्तीसगढ़ी कला से सजी थीम आधारित डिजाइन: स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वर्षा जल संचयन: स्टेशन को पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
300 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट: स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर बिजली की बचत होगी।
10 टिकट बुकिंग विंडो: यात्रियों को लंबी कतारों से राहत।
74 आधुनिक शौचालय: स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी।
6 मीटर चौड़ा ब्रिज: अधिक भीड़ को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा।
40 वाटर कूलर: हर प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी की व्यवस्था।
26 कोच इंडिकेशन बोर्ड: यात्रियों को कोच खोजने में सुविधा होगी।
स्टेशन परिसर में दो मल्टीस्टोरी पार्किंग
योजना के तहत स्टेशन परिसर में दोनों ओर मल्टीस्टोरी पार्किंग तैयार की जाएगी और प्रवेश-निकास मार्गों को चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफार्म नंबर 1 की चौड़ाई बढ़ाने और दोमंजिला स्टेशन भवन निर्माण की भी योजना है।
इस पूरे प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह है कि रायपुर स्टेशन को आधुनिकता और सुविधा के मामले में देश के अग्रणी स्टेशनों की श्रेणी में लाया जाए।