फल बाजारों में इन दिनों आम सहित मौसमी फलों की आवक जोर पकड़ रही है। फलों के राजा आम की विभिन्न किस्मों—दशहरी, चौसा, लंगड़ा, तोतापरी और नीलम—की बाजार में भारी मात्रा में आमद देखी जा रही है। इसके अलावा तरबूज और खरबूज की भी अच्छी खासी आवक हो रही है। तरबूज के दाम कम होने की वजह से इसकी बिक्री में तेजी देखी जा रही है।
थोक फल विक्रेताओं के अनुसार, आम इस समय वैरायटी के अनुसार थोक बाजार में 50 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, जबकि फुटकर बाजार में इसकी कीमत 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच रही है। हालांकि, आम की आवक निर्धारित समय पर हो रही है, लेकिन उत्पादन में कमी के कारण इस बार कीमतें अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई हैं। पिछली बार की तुलना में इस सीजन में आम की आवक कम है, जिसका कारण तेज हवाओं और समय-समय पर हुई बारिश को बताया जा रहा है।
व्यापारियों का मानना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, आम की मिठास और मात्रा दोनों में इजाफा होगा। इसके साथ ही कीमतों में भी गिरावट आने की संभावना है। अप्रैल से अगस्त तक चलने वाले आम के सीजन में शुरुआती आम महंगे और कम स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे गुणवत्ता और मिठास में सुधार होता है।
बाजार में पहुंचने वाले आम प्रमुख रूप से ओडिशा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और उत्तरप्रदेश के लखनऊ, प्रतापगढ़, सीतापुर, मुरादाबाद, मेरठ और प्रयागराज जैसे क्षेत्रों से आ रहे हैं। आने वाले दिनों में जब आम की आवक और बढ़ेगी, तब कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है।