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बीजापुर। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा इंद्रावती नदी तय करती है। दोनों प्रदेश की सीमावर्ती गांव मट्टीमरका से दुखद खबर निकलकर आई है।

महाराष्ट्र के देशीलपेटा से अपने गृहग्राम गुंलापेटा लौट रहे दो तैराकों की इंद्रावती नदी में डूबने से मौत हो गई है। दोनों मृतक मट्टीमरका की विराघाट से घर आ रहे थे।

घटना शनिवार दोपेहर करीब 1 बजे की है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर दोनों मृतकों के परिवारों को 5-5 हजार रुपये अंत्येष्टि के लिए दिए।

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दरअसल, कल मट्टीमरका से महाराष्ट्र के देशीलपेटा में शादी कार्यक्रम में शामिल होने कामडी गोपाल (53) और मुलकर गणपत (42) गए थे।

जहां से आज इन्द्रावती नदी को पार कर दोनों अपने घर गुंलापेटा आ रहे थे। मृतकों में एक तैराक थे जो अपने डूबते साथी को बचाने की जद्दोजहद में खुद की जान गंवा बैठे।

करीब 800 मीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करते दोनों नदी की गहराई में डूब गए, जहां दोनों की मौत हो गई। दोनों को अन्य लोगों ने डूबते देखा और बचाने नाव करीब लेकर पहुंचे।

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गहरी नदी से दोनों को बाहर निकाला गया तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। भोपालपटनम तहसीलदार ने मट्टीमरका जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।

दोनों मृतकों के परिजनों को बतौर फौरी राहत 5-5 हजार रुपये अंत्येष्टि के दिये गए। दोनों मृतकों को शासन द्वारा दी जाने वाले आर्थिक मुआवजा राशि का प्रकरण तैयार किया जा रहा है।

ब्लॉक मेडिकल अफसर अजय रामटेके ने बताया कि इंद्रावती नदी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें पानी में डूबकर मरने की पुष्टि हुई है।

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800 मीटर चौड़ी इंद्रावती नदी तैरकर पार कर रहे दो ग्रामीणों की हुई मौत

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800 मीटर चौड़ी इंद्रावती नदी तैरकर पार कर रहे दो ग्रामीणों की हुई मौत