सिटी न्यूज रायपुर  –  देश में आज 93000 नये मरीज सामने आये हैं, वहीं छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh) में आज साल का सबसे बड़ा कोरोना विस्फोट हुआ है. यहां कोराना संक्रमण (Corona Infection) के मामलों में आए जबर्दस्त उछाल के बाद सरकार और लोगों की नींद उड़ गई है. स्वास्थ्य विभाग ( Health Department) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार यहां बीते 24 घण्टे में रिकॉर्ड 5818 नए मरीज मिले हैं. इसके साथ ही 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हुई है.  रायपुर में इस साल पहली बार दो हजार का आंकड़ा पार हो गया है. रायपुर में 2287 बीरगांव में 22 और दुर्ग में 857 मरीज मिले हैं.

कोरोना की बढ़ती रफ्तार को लेकर राजधानी के लोगों में लगातार टेंशन बढ़ रही है. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ जोगी के रायपुर शहर जिलाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि पडोसी राज्य महाराष्ट्र से आवागमन बेरोकटोक चालू है, जिसका नतीजा छत्तीसगढ भुगत रहा है, उन्होनें  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग किया है कि सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित कर गरीबों के लिये खाने पीने तथा अन्य बंदोबस्त कर औधोगिक इकाईयों सहित प्रदेश में पूर्ण और सख्त लॉकडाउन लगाने की मांग करते हुवे कहा कि स्थिति लगातार बद् से बद्तर हो रही है , संक्रमितों और मौतों के आंकडे रोज तेजी से बढ रहे है , मृतकों को जलाने शमशान में जगह नही मिल रहा,  इलाज के लिये लोग मारे मारे फिर रहे हैं, सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बेड फूल बताकर भर्ती नही लिया जा रहा है, कुछ अस्पतालों में बडी मिन्नत और गिडगिडाने के बाद यदि कहीं भर्ती ले भी रहें है तो लाखों रूपया लूट ले रहे हैं , मरीज को भर्ती करने के बाद भी स्टाफ का रोना बताकर मरीज का बेहतर इलाज ऩही किया जा रहा है , सभी निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों से कई गुणा फीस ले रहे हैं उस पर भी सरकार का लगाम नही है,  गरीब बेचारे तो सरकार को कोसते नजर आ रहे हैं, पिछली बार की भांति इस बार कंही से कोई मदद हेतु सामने नही आ रहा है,  हालात रोजाना बिगडते ही जा रहा है, मजबूरन संक्रमित मरीजों को परिजन घर पर ही रखकर टेंपरेचर, आक्सीजन लेबल जांचना,  दवाई देना , काढा,  नास्ता, खाना, भाप (स्टीम),, कमजोर मरीजों के स्नान,  बिस्तर , टॉयलेट से लेकर हर जरूरी दैनिक नित्य क्रियाकलाप मरीज के परिजन ही बिना सुरक्षा वस्त्र – पी पी ई किट के करा रहे हैं , मरीज के मदद करते अनेक परिजन और मित्र भी संक्रमित हो रहे है , कई घर में तो पुरा के पुरा परिवार संक्रमित हो चुका है, नगर निगम , स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन इस बार मोहल्ले और घरों को सेनेटाइज करने से लेकर मरीजों को ले जाने – लाने सहित मरीजों को भर्ती करने संबधित  सरकार की सारी व्यवस्थायें इस बार चौपट हो चुकी है , कोरोना के रोकथाम में सरकार पूरी तरह फैल हो चुकी है,

डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि रायपुर कलेक्टर द्वारा जारी बचकानी आदेश जिसमें रायपुर में “दिन कर्फ्यु”  के जगह “नाइट कर्फ्यु” लगाया गया है यह समझ से परे है, क्योकिं कोरोना भीड भाड और संक्रमितों के संपर्क में आने से फैलता है लेकिन रात में तो आलरेडी लोग अपने अपने घरों में रहते हैं एैसे में नाइट कर्फ्यु का कोई  फायदा हमें दिखाई नही देता, दिन में बाजारों में , शराब दुकानों में सभी जगह धारा 144 का खुलेआम धज्जियां उडाया जा रहा है शासन प्रशासन चुप बैठे तमाशा देख रही है,   वहीं कल रायपुर कलेक्टर ने फिर एक नया आदेश जारी किया है जिसमें आज 4 अप्रेल से रायपुर में शाम 6 से सुबह 6 बजे तक व्यवसाय बंद करने कहा गया है,  यह आदेश भी कोरोना को रोकने में असफल सिद्ध होगी क्योकिं शाम 6 बजे बाजार बंद होने के चक्कर में लोग 6 बजे के पहले ही खरीदी बिक्री करेगें , जिससे बाजार में भीड और बढेगी , लोग और ज्यादा संक्रमित होंगे ,  कोरोना और बढेगा, यही हालात रहा तो रायपुर में कोरोना को महामारी का रूप लेने में देर नही लगेगा ,  डा. देवांगन ने कहा कि कोरोना को रोकने सख्त  लॉकडाउन बहुत ही जरूरी है , ताकि लोग अपने घर के अंदर रहे , तभी कोरोना का चैन टुटेगा और लोग संक्रमित मरीजों के संपर्क में नही आयेगें तो स्वमेव कोरोना समाप्त हो जायेगा,                                               “”जान है तो जहान है  “”

डा. ओमप्रकाश देवांगन ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने प्रेस कान्फ्रेंस में कल खुद कहा है कि प्रदेश के लगभग सभी बड़े अस्पतालों में ICU के ऑक्सीजन बेड फुल हैं। उपलब्धता लगभग 0 है। उन्होंने कहा कि ICU काफी टाइट चल रहा है, उनको बढ़ाने की कोशिश चल रही है। ऐसी सर्जरी जो बाद में भी हो सकती हैं, अगर बेड उसमें लगे हैं तो ऐसे बेड कोरोना में इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है। जितना कर सकेगी सरकार उतना हम लोग प्रयास कर रहे हैं। रायपुर एम्स ने 200 से पौने 400 बेड अरेंज किए हैं, आर्युवेदिक कॉलेज में भी हम इंतजाम कर रहे हैं। मंत्री जी के इस बयान पर डा. देवांगन ने कहा कि यह जरूरी है कि हम संसाधन बढायें लेकिन हम कितना भी संसाधन बढा लें,, जब तक हम कोरोना के रफ्तार पर काबू करने या लगाम लगाने हेतु कडे कदम नही उठायेगें तब तक हम कोरोना को समाप्त नही कर सकते ,, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने एैसे कठीन समय में अपनी जिम्मेदारी कलेक्टर पर थोप दी है , ये सब जानते है कि कोरोना को रोकने का एक और केवल एकमात्र उपाय मात्र “लॉकडाउन” ही है , लेकिन सरकार गहरी नींद में सोई हुई है, ये सरकार तभी जागेगी जब हजारों लोग अपने परिजनों को खो चुके होंगे  !!

रायपुर शहर जिलाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने आमजनों से विनम्र पूर्वक आग्रह किया है कि खुद को और अपने प्रियजनों को कोरोना से सुरक्षित रखने घर पर ही रहें , घर से बाहर निकलना बहुत ही जरूरी हुवा तो  मास्क से नाक और मुंह को अच्छे से ढंके रहे, बार बार सेनेटाइज का उपयोग करे,  दो गज की दूरी वाले नियम का जरूर जरूर पालन करें,  गरीब हो या अमीर अपने घर में बुखार जांचने थर्मामीटर जरूर रखें, संभव हो तो आक्सीजन लेबल नापने आक्सीमीटर और ब्लड प्रेशर जांच करने स्पाइग्मोमेनोमीटर भी रखें, स्टीमर रखें और रोज भाप लें, रोज सुबह शाम रात गारगल करें, पैरासिटामाल की दवाई घर पर ऱखें ताकि बुखार या बदन दर्द पर ले सकते है, अपने परिवारिक डाक्टर का मोबाइल नंबर रखें और किसी प्रकार की तकलीफ में संपर्क कर डाक्टर की सलाह जरूर लें तथा  45 से 59 वर्ष के सभी लोग कोरोना का टीका ( वैक्सीनेशन ) जरूर लगवा लें  !!

सिटी न्यूज रायपुर / बीरगांव