Home India news जगद्गुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ जी का डॉ. अभिषेक वर्मा के निवास पर आगमन, सनातन संस्कृति संरक्षण पर हुआ संवाद

जगद्गुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ जी का डॉ. अभिषेक वर्मा के निवास पर आगमन, सनातन संस्कृति संरक्षण पर हुआ संवाद

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जगद्गुरु शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ जी का डॉ. अभिषेक वर्मा के निवास पर आगमन, सनातन संस्कृति संरक्षण पर हुआ संवाद

शिवसेना (एनडीए गठबंधन) के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा के निवास पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज का शुभ आगमन हुआ। उनके आगमन से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से सराबोर हो गया।

इस अवसर पर डॉ. वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती अंका वर्मा, पुत्र आदितेश्वर वर्मा और पुत्री निकोल वर्मा ने शंकराचार्य जी से आशीर्वाद प्राप्त किए। कार्यक्रम के दौरान वैदिक विधियों से विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा संरक्षण के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज ने अपने संबोधन में राष्ट्रहित और धार्मिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने देश में वक्फ बोर्ड को समाप्त करने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि इससे धार्मिक संतुलन कायम रहेगा और राष्ट्र सर्वोपरि रहेगा।

उनके प्रमुख विचार इस प्रकार रहे:

वक्फ बोर्ड को निरस्त करने का सुझाव दिया, जिससे सभी धर्मों के बीच समरसता बनी रहे।

संस्कृत भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की अपील की, जिससे वैदिक संस्कृति और ज्ञान का पुनर्जागरण हो सके।

प्राचीन मंदिरों के संरक्षण और पुनर्निर्माण के लिए सरकार से विशेष योजनाएं लागू करने का आग्रह किया।

उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर वीर सैनिकों को शुभकामनाएं दीं और उनकी वीरता की सराहना करते हुए कहा, “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।”

डॉ. अभिषेक वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देती है और इसे संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।

उन्होंने केंद्र सरकार से ‘राष्ट्रीय सनातन बोर्ड’ के गठन की माँग की, जो देशभर में सनातन संस्कृति, परंपराओं एवं गौसंरक्षण के लिए काम करे। साथ ही, उन्होंने गौवंश हत्या को रोकने हेतु आजीवन कारावास की सज़ा का प्रस्ताव रखा ताकि सनातन मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम में राष्ट्र और धर्म के हित में कई महत्वपूर्ण विचार सामने आए, जो आने वाले समय में समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं।