Home Business news नई तकनीक के साथ बदलेगी एसी की आदतें: अब 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा पर नहीं चलेगा एसी, बिजली बचत पर फोकस

नई तकनीक के साथ बदलेगी एसी की आदतें: अब 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा पर नहीं चलेगा एसी, बिजली बचत पर फोकस

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नई तकनीक के साथ बदलेगी एसी की आदतें: अब 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा पर नहीं चलेगा एसी, बिजली बचत पर फोकस

गर्मियों में राहत देने वाला एयर कंडीशनर (AC) अब केवल ठंडक का जरिया नहीं रहेगा, बल्कि बिजली की बचत का माध्यम भी बनेगा। केंद्र सरकार एक नए नियम की तैयारी में है, जिसके तहत देश में बिकने वाले सभी नए एसी 20 डिग्री सेल्सियस से कम और 28 डिग्री से ज्यादा तापमान पर काम नहीं कर पाएंगे।

ऊर्जा मंत्रालय की पहल
बिजली मंत्रालय और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) इस नियम को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य एसी के उपयोग से होने वाली बिजली की अधिक खपत को नियंत्रित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, एसी का तापमान हर 1 डिग्री कम करने पर बिजली की खपत में लगभग 6% की वृद्धि होती है, इसलिए सरकार अब इसे सीमित रेंज में बांधना चाहती है।

24 डिग्री तापमान को माना गया आदर्श
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ‘मिशन 24 डिग्री’ जैसी पहल के माध्यम से लोगों को 24-26 डिग्री तापमान पर एसी चलाने के लिए प्रोत्साहित कर चुकी है। इसका वैज्ञानिक आधार भी है — जितना कम तापमान सेट करेंगे, उतनी ही अधिक बिजली खर्च होगी। जबकि 24 डिग्री के आसपास एसी चलाने से पर्याप्त ठंडक मिलती है और बिजली की बचत भी होती है।

नए एसी होंगे सीमित रेंज वाले
नया नियम फिलहाल सिर्फ आने वाले एसी मॉडल्स पर लागू होगा। इन एसी को तकनीकी रूप से इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि वे तय तापमान रेंज से बाहर न जा सकें। हालांकि, पुराने एसी अभी पहले की तरह इस्तेमाल किए जा सकेंगे, लेकिन भविष्य में इन्हें सॉफ्टवेयर अपडेट या विशेष रिमोट कंट्रोल से सीमित किया जा सकता है।

दुनिया से मिल रही प्रेरणा
जापान में ‘कूल बिज़’ अभियान के तहत एसी को 28 डिग्री पर सेट करने की पहल की जा चुकी है। इसी तरह कैलिफोर्निया, हांगकांग और लंदन जैसे शहरों में भी एसी के न्यूनतम तापमान पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।

बिजली बचाने के अन्य उपाय
कमलेश दिल्लीवार, निदेशक (इंजीनियरिंग), विद्युत नियामक आयोग के अनुसार, बिजली की बचत के लिए एसी के बाहरी यूनिट को छायादार और हवादार स्थान पर रखना भी आवश्यक है। इससे कूलिंग क्षमता में सुधार आता है और बिजली की खपत घटती है।

जल्द लागू हो सकता है नियम
सरकार की ओर से अभी गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है, लेकिन एसी निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत जारी है। संभावना है कि अगले कुछ महीनों में यह नियम औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।