छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पुलिस सख्त हो गई है। अब यदि किसी वाहन चालक ने ट्रैफिक नियम तोड़ा और 90 दिनों के भीतर चालान की रकम जमा नहीं की, तो मामला स्वतः कोर्ट पहुंच जाएगा। इसके बाद वाहन मालिक को कोर्ट में पेश होकर जुर्माना अदा करना होगा।
ऑनलाइन चालान सिस्टम से त्वरित कार्रवाई
राज्य में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स की अनिवार्यता और चौराहों पर लगे अत्याधुनिक कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियम तोड़ते ही चालान स्वतः जनरेट हो रहा है। यह चालान वाहन नंबर, फोटो और चालक की जानकारी के साथ सीधे मोबाइल पर भेजा जा रहा है। इससे पहले चालान की तामिली नहीं हो पाती थी क्योंकि वाहनों की आरसी में नाम, पता और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होते थे।
रिकॉर्ड वसूली: पांच महीने में 15.40 करोड़ का जुर्माना
1 जनवरी से 31 मई 2025 तक राज्य भर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 3.97 लाख से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान 15 करोड़ 39 लाख रुपए से अधिक की जुर्माना राशि वसूली गई। सबसे अधिक मामले रायपुर जिले से दर्ज हुए हैं, जहां 56,268 वाहनों के खिलाफ चालान काटे गए। वहीं सबसे कम मामले नारायणपुर जिले से सामने आए हैं, जहां केवल 878 वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई।
आरसी अपडेट नहीं तो बढ़ेगी परेशानी
एआईजी ट्रैफिक संजय शर्मा ने बताया कि चालान अब मैन्युअल नहीं, बल्कि पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से भेजे जा रहे हैं। जिन वाहन मालिकों की आरसी में सही मोबाइल नंबर और पता दर्ज हैं, उन्हें चालान समय पर मिल रहे हैं। चालान मिलने के बाद वाहन मालिक को 90 दिन के भीतर रकम जमा करना अनिवार्य है।
समय पर चालान न भरने पर सख्त कार्रवाई
यदि निर्धारित अवधि के भीतर चालान की राशि जमा नहीं होती है, तो वाहन मालिक को कोर्ट में पेश होकर जुर्माना अदा करना पड़ेगा। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे वाहनों की आरसी रद्द कर दी जा सकती है और वाहन को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा। इससे न केवल वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा, बल्कि भविष्य में वाहन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
लोगों को नियम पालन के लिए किया जा रहा प्रेरित
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती का सकारात्मक असर दिख रहा है। लोग अब ट्रैफिक नियमों का अधिक पालन कर रहे हैं जिससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। पूरे राज्य में 82 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से अकेले रायपुर में ही 18.5 लाख वाहन हैं।
राज्य सरकार और पुलिस की यह पहल ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अनुशासित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।