Home Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से तबाही, नदी-नाले उफान पर — कई लापता, एक मासूम की मौत की आशंका

छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से तबाही, नदी-नाले उफान पर — कई लापता, एक मासूम की मौत की आशंका

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छत्तीसगढ़ में मूसलधार बारिश से तबाही, नदी-नाले उफान पर — कई लापता, एक मासूम की मौत की आशंका

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बीते 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिलासपुर और अंबिकापुर संभागों में हालात बेहद खराब हैं, जहां नदी-नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। कई पुल पानी में डूब गए हैं और कॉलोनियों से लेकर सड़कों तक पानी भर गया है।

लोग बहे, बचाव में जुटा प्रशासन

पुलों और नालों को पार करने के दौरान दोनों संभागों में अब तक 12 लोग बह चुके हैं। इनमें से 10 को बचा लिया गया है, जबकि एक तीन साल का बच्चा और एक अन्य व्यक्ति अब भी लापता हैं। जांजगीर जिले में एक व्यक्ति का शव नाले से बरामद किया गया है।

जांजगीर-चांपा में हादसे

शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में रिंगनी-कुकदा के बीच एक कार चालक उफनते नाले में बह गया, हालांकि वह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन उसकी कार बह गई। वहीं बम्हनीडीह ब्लॉक के 10 से अधिक गांवों में चार फीट ऊंचाई तक बह रहे जमड़ी नाले के कारण यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। मालखरौदा ब्लॉक का सपनाई नाला भी तीन दिनों से उफान पर है। हसदेव और महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

बिलासपुर: तीन साल का मासूम लापता

सीपत क्षेत्र में मंदिर से लौट रही एक कार तुंगन नाले में बह गई। कार में सवार 9 लोगों में से 8 किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन 3 साल का तेजस पानी की तेज धार में बह गया। अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

सरगुजा: बाइक सवार बहे

मैनपाट इलाके में मछली नदी की पुलिया पार करते समय दो बाइक सवार युवक पानी में बह गए। इनमें से एक व्यक्ति सुरक्षित बाहर निकल आया, लेकिन दूसरा अब भी लापता है। खतरे को देखते हुए मैनपाट डेम के 13 साल बाद सभी 8 गेट खोल दिए गए हैं और आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

प्रभावित क्षेत्र

  • 12 लेवल अलर्ट पर: बिहारपुर, धर्मजयगढ़

  • 10 लेवल: वाड्रफनगर, दंतेवाड़ा, भोथिया, कोचली, शिवरीनारायण, पसान, जांजगीर, बलौदा

  • 9 लेवल: बीजापुर, ओरछा, बिलाईगढ़, भैरमगढ़, नवागढ़, दरभा, चांदो, बम्हनीडीह, भटगांव, बलरामपुर, अड़भार

  • 8 लेवल: छोटे डोंगर, गंगालूर, छिंदगढ़, जैजैपुर, पामगढ़, भैसमा, सरगांव, कुआकोंडा, बरमकेला, कटघोरा

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय निवासियों से सतर्कता बरतने और जलमग्न इलाकों में जाने से बचने की अपील की गई है।