बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ प्रभावशाली युवाओं द्वारा महंगी गाड़ियों का काफिला खड़ा कर रील बनाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने का मामला अब हाई कोर्ट की नजर में आ गया है। इस रील के कारण हाईवे पर ट्रैफिक बाधित हुआ और सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह जाम रहा। इस पर कोर्ट ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्य सचिव से शपथ पत्र सहित जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब यह घटना सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली थी, तो केवल जुर्माना वसूली और लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव क्यों दिया गया? पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की, न ही वाहन जब्त किए।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सिन्हा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हाईवे पर इस तरह की हरकतें बार-बार दोहराई जा रही हैं और पुलिस की लापरवाही इन मामलों को और गंभीर बना रही है। यह चिंता का विषय है कि रसूखदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती।
दरअसल, भाजपा नेता के करीबी और कांग्रेस नेता विनय शर्मा के बेटे वेदांश शर्मा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर काली फॉरच्यूनर गाड़ियों के काफिले में रतनपुर हाईवे पर स्टंट किए। प्रोफेशनल वीडियोग्राफर और तेज लाइट्स के साथ शूट किया गया यह वीडियो वायरल होने के बाद मामला उजागर हुआ।
हालांकि पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में मात्र ₹2000 प्रति गाड़ी का जुर्माना लगाकर मामला निपटा दिया और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश आरटीओ को भेज दी। इससे पहले भी एक डीएसपी की पत्नी द्वारा इसी तरह का स्टंट किए जाने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई थी।
कोर्ट की सख्ती के बाद ही पुलिस हरकत में आई और रात करीब 12 बजे जिन वाहनों का इस्तेमाल स्टंट के लिए हुआ था, उन्हें सकरी थाने बुलाया गया। देर रात 12:30 बजे तक 6 गाड़ियों को थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया।