रायपुर। राजधानी में सड़क हादसों से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना बन गया है। पुलिस और परिवहन विभाग के लगातार अभियान और चालानी कार्रवाई के बावजूद लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। नतीजा यह है कि जनवरी 2025 से 15 अगस्त तक साढ़े सात महीने की अवधि में 1310 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 413 लोगों ने जान गंवाई, जबकि 880 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
दुपहिया सवारों में सबसे ज्यादा जानें गईं
ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर ने बताया कि अकेले दुपहिया सवारों में 214 मौतें दर्ज हुईं। इन सभी ने हेलमेट नहीं पहना था। वहीं, 150 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कार हादसों में भी 20 से अधिक मौतें हुईं, जिनमें अधिकांश ड्राइवर सीट बेल्ट नहीं लगाए हुए थे।
अलार्म बंद करने के लिए ‘बक्कल’ का इस्तेमाल
कार चालकों के बीच एक नई प्रवृत्ति देखने को मिल रही है। सीट बेल्ट लगाने से बचने और गाड़ी में बजने वाले अलार्म को बंद करने के लिए लोग नकली बक्कल (क्लिप) का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जानलेवा साबित हो रहा है।
इसे गंभीरता से लेते हुए रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने सभी ऑटोमोबाइल शोरूम, ऑनलाइन कंपनियों और कार एसेसरीज विक्रेताओं को पत्र लिखकर सीट बेल्ट बक्कल की बिक्री रोकने और नई बाइक/मोपेड खरीदने पर दो हेलमेट अनिवार्य रूप से देने का निर्देश दिया है।
शोरूम में भी नियमों की अनदेखी
जांच में यह सामने आया कि अधिकांश शोरूम खरीदारों को हेलमेट उपलब्ध नहीं करा रहे। बाइक चालक भी नया हेलमेट लेने से बचते हैं और बहाना बनाते हैं कि उनके पास पहले से हेलमेट है। शोरूम में हेलमेट 800 से 3000 रुपये तक बेचे जा रहे हैं।
पुलिस अब सीधे ई-चालान कर रही
हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी करने वालों पर अब पुलिस रोक-टोक करने के बजाय सीधे ई-चालान कर रही है। औसतन रोज 1200 चालान किए जा रहे हैं, जिनमें 350 मामले हेलमेट से जुड़े हैं। पहली गलती पर 500 रुपये और बार-बार पकड़े जाने पर 1000 रुपये या उससे ज्यादा जुर्माना लगाया जा रहा है।
कानून विशेषज्ञ की राय
अधिवक्ता विक्रम शर्मा का कहना है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 19बी के तहत चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दुपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यह सिर्फ कानूनी बाध्यता ही नहीं, बल्कि दुर्घटना में जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
👉 ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर ने स्पष्ट कहा है कि “लोगों की जान बचाने के लिए बक्कल की बिक्री पूरी तरह रोकी जाएगी और हेलमेट की अनिवार्यता सख्ती से लागू होगी।”