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रायपुर: पास्टर का तेल-पानी से इलाज का दावा, धर्मांतरण को लेकर बवाल

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रायपुर: पास्टर का तेल-पानी से इलाज का दावा, धर्मांतरण को लेकर बवाल

रायपुर के कुकुरबेड़ा इलाके में बने एक होम चर्च का वीडियो सामने आया है, जिसमें पास्टर कथित तौर पर चमत्कार दिखाकर लोगों का इलाज करने का दावा कर रहा है। वीडियो में एक युवक के हाथ को तेल और प्रार्थना से ठीक होते दिखाया गया। पास्टर ने युवक पर तेल लगाया, जोर-जोर से प्रार्थना की और कुछ ही देर बाद युवक ने हाथ उठाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद भीड़ ने तालियां बजाईं और “हलेलुया” के नारे लगाए।

यह पूरा आयोजन पंजाब के पास्टर बजिंदर सिंह के अंदाज़ में हो रहा था, जो “मेरा यशु-यशु” स्टाइल से लोगों को चंगा करने का दावा करता था। हालांकि, बजिंदर इस समय जेल में है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

10 अगस्त को मोहल्ले के कुछ लोगों ने हिंदू संगठनों को बुलाया और आरोप लगाया कि यहां पैसों का लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया, बाद में उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद से होम चर्च का वह कमरा लॉक है।

महिलाएं बोलीं – धर्म नहीं बदला, लेकिन यशु पर विश्वास है

चर्च में प्रार्थना करने आने वाली महिलाओं ने बताया कि वे हिंदू परिवारों से हैं, धर्म नहीं बदला है, लेकिन यीशु में विश्वास रखती हैं। पूजा ध्रुव नाम की महिला ने कहा कि यहां आने से उनकी तबीयत में सुधार हुआ, इसलिए वे हर रविवार को प्रेयर में शामिल होती हैं।

वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें तेल-पानी से बीमारी ठीक करने का लालच दिया गया। हर्षिता निहाल ने बताया कि उनकी बीमार नानी को यहां लाने के बाद कहा गया कि अगर वे हिंदू देवी-देवताओं की पूजा छोड़ दें तो ठीक हो जाएंगी, लेकिन फायदा न मिलने पर वे वापस नहीं गईं।

इसी तरह, रश्मि निर्मलकर ने आरोप लगाया कि उनसे कहा गया था कि अगर यीशु की आराधना करें तो उनके परिवार को 5 लाख रुपये और राशन मिलेगा, यहां तक कि उनके देवी-देवताओं के खिलाफ बातें भी कही गईं।

बजरंग दल और VHP का पक्ष

बजरंग दल ने कहा कि मोहल्लेवासियों की शिकायत पर ही वे वहां पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तेल और पानी से चमत्कार दिखाकर लोगों को बरगलाया जा रहा है और धर्मांतरण के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है। हालांकि, बजरंग दल ने यह भी स्पष्ट किया कि अश्लील इशारे करने वाले उनके कार्यकर्ता नहीं थे।

विश्व हिंदू परिषद के नेता विकास तिवारी ने आरोप लगाया कि शहर में पहले से चर्च मौजूद हैं, लेकिन होम चर्च खोलकर गुप्त रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है।

बढ़ते टकराव के आंकड़े

छत्तीसगढ़ में बीते कुछ सालों से धर्मांतरण को लेकर हिंदू और ईसाई समुदाय के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2021 से अब तक ऐसे 104 टकराव सामने आ चुके हैं। इनमें से 44 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें 23 केवल पिछले एक साल में हुईं। कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर इस मामले में हॉटस्पॉट बने हुए हैं।