सावन माह में शिवालयों में उमड़ी आस्था की लहर के बाद अब शहर श्रीकृष्ण भक्ति में डूबने को तैयार है। आगामी 16 अगस्त शनिवार को अष्टमी और नवमी तिथि के संयोग में कृतिका नक्षत्र के तहत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन होगा। इस दिन रात 12 बजे “नंद घर आनंद भयो” की गूंज पूरे शहर में सुनाई देगी। मंदिरों में फूलों के झूले सज चुके हैं और महिला मंडलियां राधारानी के लिए मंगल गीत गा रही हैं।
ज्योतिषीय स्थिति
शास्त्रों के अनुसार, द्वापर युग में भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्णपक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, जिसे जन्म जयंती योग कहा जाता है। इस वर्ष वह योग नहीं बन रहा है। शंकराचार्य आश्रम के ज्योतिषी स्वामी इंदुभवानंद तीर्थ के अनुसार, इस बार जन्म के समय कृतिका नक्षत्र रहेगा। अष्टमी तिथि 16 अगस्त को रात 10:29 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी प्रारंभ होगी।
मंदिरों में भव्य तैयारियां
जैतूसाव मठ, जवाहरनगर राधाकृष्ण मंदिर, समता कॉलोनी राधाकृष्ण मंदिर, खाटू श्याम मंदिर, टाटीबंध इस्कॉन मंदिर, संजयनगर राधाकृष्ण मंदिर और सदरबाजार गोपाल मंदिर में सजावट जोरों पर है। इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें 10 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
विशेष आयोजन और प्रतियोगिताएं
कृष्ण मित्र फाउंडेशन ने 16 अगस्त को थाना सिटी कोतवाली के बंदी गृह में जन्माष्टमी उत्सव और 23 अगस्त को रावणभाठा मैदान में बैल दौड़ व बैल सजाओ प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया है।
श्रृंगार और सजावट
कान्हा-राधारानी के श्रृंगार के लिए मथुरा-वृंदावन से विशेष पोशाक मंगाई गई है और मंदिरों के गर्भगृह को सजाने के लिए कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं। 17 अगस्त को व्रत-पूजन और दही-हांडी कार्यक्रमों के साथ उत्सव का समापन होगा।