रायपुर।
राजधानी रायपुर के मेनरोड पर स्थित एक नया मंदिर अब शहर में जनसेवा का केंद्र बनता जा रहा है। मां काली को समर्पित इस मंदिर की चर्चा इस समय हर ओर है — न सिर्फ धार्मिक कारणों से, बल्कि सामाजिक योगदान के लिए भी।
सुनसान जगह अब बनी सेवा स्थल
कुछ साल पहले तक जिस जगह पर यह मंदिर बनाया गया है, वह क्षेत्र सुनसान और असामाजिक गतिविधियों का गढ़ माना जाता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां अक्सर नशा करने वाले युवाओं का जमावड़ा रहता था। लेकिन अब उसी स्थान पर एक सकारात्मक परिवर्तन देखा जा रहा है।
हिंदू संगठनों ने मिलकर किया निर्माण
इस मंदिर का निर्माण हिंदू संगठनों और आम नागरिकों के सहयोग से किया गया है। मंदिर समिति नियमित रूप से जरूरतमंदों की मदद करती है और जनसेवा को प्राथमिकता देती है।
हर सप्ताह भंडारा, सैकड़ों को भोजन
मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां सप्ताह में तीन से चार बार भंडारे का आयोजन किया जाता है। हर बार करीब 400–500 लोगों को प्रसाद के रूप में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए साफ और ठंडे पानी की भी अच्छी व्यवस्था की गई है।
एक मिसाल बनता मंदिर
इस मंदिर ने न सिर्फ एक उपेक्षित स्थान को धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाया, बल्कि शहर में सेवा और सहयोग का एक नया उदाहरण भी पेश किया है।