Home Chhattisgarh news रेनवाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर वसूले 24 करोड़, जमीन पर नहीं उतरी योजना

रेनवाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर वसूले 24 करोड़, जमीन पर नहीं उतरी योजना

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रेनवाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर वसूले 24 करोड़, जमीन पर नहीं उतरी योजना

नगर निगम ने रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के नाम पर करीब 24 करोड़ रुपये तो वसूल लिए, लेकिन उन पैसों का उपयोग जमीन पर होता नहीं दिख रहा। जिन लोगों से ये राशि ली गई, उनके घरों में न तो रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया और न ही निगम ने इसे लगाने की कोशिश की। इसका सीधा असर ये हो रहा है कि गर्मियों में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है।

बुधवार को निगम मुख्यालय में नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग की सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें ये खुलासा हुआ। बैठक में मौजूद निगम अधिकारियों ने बताया कि 2017 से 2025 तक 6270 आवासीय और 961 व्यावसायिक प्रकरणों में करीब 23.88 करोड़ रुपये की राशि रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए वसूली गई है। लेकिन अधिकांश मामलों में लोगों ने न तो सिस्टम लगवाया और न ही जमा की गई राशि की वापसी के लिए आवेदन किया।

बैठक में एमआईसी सदस्य मनोज वर्मा ने अफसरों को निर्देश दिया कि अब हर दिन कम से कम 10 घरों का सर्वे कराया जाए, जिससे यह पता चल सके कि किस घर में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है और किसमें नहीं।

इसके अलावा बैठक में अवैध प्लाटिंग के मामले भी उठे। नगर निवेश विभाग ने बताया कि 2019 से फरवरी 2025 तक 329 मामलों में अवैध प्लाटिंग के तहत मुरुम रोड काटने की कार्रवाई की गई है। कुछ जगहों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन असल में अवैध प्लाटिंग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। राजधानी में अवैध प्लाटिंग का धंधा तेजी से फैल रहा है, और इसमें जोन स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।

नियम के अनुसार, 150 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। सिस्टम लगवाने पर निगम द्वारा जमा राशि लौटाई जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि न तो लोग सिस्टम लगवा रहे हैं और न ही राशि रिफंड कराने में रुचि दिखा रहे हैं।

इस लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि जल संरक्षण की कोई व्यवस्था न होने के कारण पानी का स्तर हर साल और नीचे जा रहा है।