रायगढ़ (छत्तीसगढ़): मांड नदी में बने एनीकट पर लौट (रिटर्निंग) वाल तैयार न होने की वजह से नदी का पानी किसानों के खेतों में घुस गया, जिससे लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल और मिट्टी की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त हो गई। यह घटना साल्हेपाली गांव (खरसिया ब्लॉक) के आसपास हुई है, जहाँ करीब 15 किसानों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।
प्रभावित किसान और उनकी मांग
साल्हेपाली में किसानों ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की। किसानों जैसे टीकाराम पटेल, भवानी शंकर गौतम, केशव प्रसाद पटेल, डिलेश्वर पटेल, हरिराम पटेल, गणेश चरण पटेल, सुखलाल पटेल, लोकनाथ पटेल, शांतिनिकेतन, भुनेश्वर पटेल, लीलागर पटेल, चंद्रशेखर पटेल, रजनी पटेल, सहनुराम पटेल समेत अन्य को खेतों में बुआई की गई फसल और मिट्टी की कटान से भारी क्षति उठानी पड़ी।

ग्रामीणों ने बताया कि अस्थायी एनीकट पर रिटर्निंग वाल का कार्य 2019 से अधूरा पड़ा है। जब नदी में पानी की तीव्र प्रवाह स्थितियाँ बनती हैं, तब वह खेतों में प्रवेश कर खेती को बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि इस कारण दो बार बोआई हुई फसल भी बेकार चली गई।
अधिकारियों का रुख
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत, किसानों की शिकायत मिलने पर रायगढ़ एसडीएम और उनकी टीम ने मौका निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित किसानों को उचित जांच के बाद मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्थान | साल्हेपाली गांव, खरसिया ब्लॉक, रायगढ़ जिला |
| समस्या | रिटर्निंग वाल न होने के कारण मांड नदी का पानी खेतों में घुसना |
| प्रभावित क्षेत्र | लगभग 5 एकड़, लगभग 15 किसान प्रभावित |
| राय | दो बार की बुआई फसलें नष्ट, मिट्टी कटाव |
| किसानों की मांग | तुरंत रिटर्निंग वाल का निर्माण व उचित मुआवजा |
| प्रशासनिक कार्रवाई | मौके का निरीक्षण, मुआवजे का आश्वासन |