छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्य ने नर्सरी में पढ़ने वाली साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के मुंह पर ‘राधे-राधे’ बोलने पर टेप चिपका दिया और उसे शारीरिक दंड भी दिया। इस घटना ने प्रशासन और समाज में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि इस घटना के संबंध में बाल अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 13(जे) और 14 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही स्कूल के प्रबंधक और प्राचार्य को 14 अगस्त 2025 को दोपहर 12:30 बजे आयोग के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यह केवल धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों के प्रति की गई क्रूरता की श्रेणी में आता है। आयोग ने बच्ची और उसके माता-पिता से स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है।
डिप्टी सीएम अरुण साव की तीखी प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस घटना को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’ करार देते हुए कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है और एक छोटी बच्ची के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
क्या है पूरा मामला
यह घटना दुर्ग के बागडुमर क्षेत्र स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल की है। पीड़ित बच्ची के पिता प्रवीण यादव ने बताया कि जब उनकी बेटी स्कूल से लौटी, तो वह डरी और सहमी हुई थी। बच्ची ने घर आकर बताया कि क्लास में ‘राधे-राधे’ बोलने पर स्कूल की प्रिंसिपल ईला ईवन कौलविन ने उसकी कलाई पर मारा और फिर मुंह पर टेप चिपका दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने नंदनी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्कूल प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के हाथ पर चोट के निशान भी पाए गए हैं।
घटना के बाद स्थानीय समाज में भारी आक्रोश है और राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।