Home Chhattisgarh news रक्षा-सूत्र की डाक सेवा ने पकड़ी रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा डिमांड, अफगानिस्तान के लिए पहली बार भेजी गई राखी

रक्षा-सूत्र की डाक सेवा ने पकड़ी रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा डिमांड, अफगानिस्तान के लिए पहली बार भेजी गई राखी

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रक्षा-सूत्र की डाक सेवा ने पकड़ी रफ्तार, ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा डिमांड, अफगानिस्तान के लिए पहली बार भेजी गई राखी

रायपुर। रक्षाबंधन को लेकर बहनों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। रायपुर के मुख्य डाकघर में इन दिनों राखी भेजने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। 23 जुलाई से शुरू हुई विशेष डाक सेवा के माध्यम से अब तक 10 हजार से अधिक राखियां देश-विदेश में भेजी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी ज्यादा है।

डाक विभाग की जानकारी के मुताबिक, इस बार अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, इटली, रूस, चीन, इंडोनेशिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी राखियों की खेप पहुंच रही है। दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान के लिए इस बार पहली बार राखी भेजी गई है, जबकि पाकिस्तान के लिए किसी तरह की बुकिंग नहीं हो रही है और अब तक कोई डाक भी नहीं भेजी गई। सबसे अधिक राखियां ऑस्ट्रेलिया भेजी जा रही हैं।

सेना के भाइयों के लिए खास इंतजाम
जिनके भाई देश की सरहदों की रक्षा कर रहे हैं, उनके लिए भी डाक विभाग ने खास व्यवस्था की है। आर्मी पोस्टल सर्विस के माध्यम से राखी पहले आर्मी पोस्ट ऑफिस भेजी जाती है, जहां से उन्हें सैनिकों तक पहुंचाया जाता है।

सुविधाजनक पैकेजिंग के विकल्प
राखी सुरक्षित तरीके से भेजने के लिए डाकघर में 20 रुपये वाले स्पेशल बॉक्स और 10 रुपये वाले पीले लिफाफे की व्यवस्था की गई है। ऑल इंडिया डाक के लिए 5 रुपये का टिकट और स्पीड पोस्ट (50 ग्राम तक) के लिए 41 रुपये का शुल्क रखा गया है। वजन अधिक होने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

हर दिन बढ़ रही राखी बुकिंग
डाकपाल सहायक जगमहेश डडसेना ने बताया कि राखी की बुकिंग हर दिन तेजी से बढ़ रही है। बहनों की यही कोशिश रहती है कि उनके भाई चाहे देश में हों या विदेश में, राखी समय पर पहुंचे।

भावनाओं से जुड़ा पर्व
मुख्य डाकघर में कतार में खड़ी अल्पना और मोनिका, जो कोरबा और पलारी के लिए राखी भेज रही थीं, ने बताया कि समय पर राखी पहुंच जाए, यही सबसे बड़ी संतुष्टि होती है। इसलिए उन्होंने पहले ही डाक करा दी।

रक्षाबंधन का यह त्योहार बहनों के प्यार और भाइयों की सुरक्षा का प्रतीक है, जिसे डाक सेवा अब और भी सुगम बना रही है।