छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तरपोंगी टोल प्लाजा पर रविवार को NSUI ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह आंदोलन मुख्यतः टोल प्लाजा पर बाहरी कर्मचारियों की भर्ती और छात्रों के लिए विशेष टोल पास की मांग को लेकर किया गया।
NSUI की चार मुख्य मांगें:
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सीजी‑04 रजिस्टर्ड वाहनों से टोल टैक्स हटाया जाए
रायपुर जिले की सीमाओं में प्रवेश करने वाले स्थानीय वाहनों से टोल टैक्स वसूलना NSUI को अन्यायपूर्ण लगा, जिसे तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की गई। -
छात्रों को स्टूडेंट टोल पास मिले
रोज़ाना पढ़ने के लिए रायपुर आने वाले छात्रों से टोल टैक्स माफ़ या छूट देने की विशेष सुविधा प्रदान की जाए। -
टोल कर्मचारियों का प्रशिक्षण व अनुशासन
यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं आदि से दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए टोल कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और अनुशासनहीन व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। -
स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता
प्लाजा में बाहरी लोगों की नियुक्तियों के खिलाफ़, बेरोज़गार स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई।
“यह सिर्फ़ टोल की लड़ाई नहीं”
NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह आंदोलन केवल टैक्स की लड़ाई नहीं, बल्कि उन छात्रों, आम लोगों और युवाओं की आवाज़ है जिन्हें रोज़ाना सफ़र करना पड़ता है, दोहरी टैक्स वसूली सहनी पड़ती है और स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलता।
NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज़ होगा, और यह जिला स्तर से आगे अन्य हिस्सों में भी फैलाया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नाम:
अमित शर्मा, हेमंत पाल, राजा देवांगन, विशाल कुकरेजा, कुणाल दूबे, विकास राजपूताना, हरिओम तिवारी, शिवांक सिंह, वैभव मुजेवार, श्रेयांश परघनीया, संयम सिंह, गावेश साहू, अंकित शर्मा, आलोक सिंह, भूपेंद्र, सत्यदास, प्रिंस और बड़ी संख्या में अन्य छात्र-युवा कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल रहे।
इस प्रकार, NSUI ने टोल प्लाजा का घेराव करके ज़ोरदार प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगों को हाईलाइट किया, और सरकार को चेतावनी दी कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।