छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र से इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को तकनीकी शिक्षा में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत CSVTU (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय) ने नया सिलेबस तैयार किया है, जो इस साल से लागू किया जाएगा।
चार नए विषय होंगे शामिल
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के पहले चार सेमेस्टर में विद्यार्थियों को अब भारतीय संस्कृति, परंपरा और ज्ञान से जुड़ी पढ़ाई भी करनी होगी।
पहले सेमेस्टर में प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली
दूसरे सेमेस्टर में भारतीय संस्कृति और संविधान
तीसरे सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और अभ्यास
चौथे सेमेस्टर में श्रीमद भगवद गीता पढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोलॉजी से जुड़े अध्याय भी जोड़े गए हैं, जिससे छात्रों को जीवन और ब्रह्मांड की व्यापक समझ मिल सके।
अब नहीं रहेगा उम्र का बंधन
NEP लागू होने के बाद अब इंजीनियरिंग या अन्य तकनीकी कोर्सों में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा समाप्त कर दी गई है। पहले 25 वर्ष तक ही नियमित प्रवेश मिल सकता था, लेकिन अब 80 वर्ष का व्यक्ति भी इंजीनियरिंग कर सकता है।
मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम
नई नीति के तहत छात्र अब कोर्स के बीच में पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में भी प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
एक साल की पढ़ाई पूरी करने पर सर्टिफिकेट,
दो या तीन साल के बाद डिप्लोमा,
चार साल पूरा करने पर डिग्री मिलेगी।
इसके साथ ही छात्र भविष्य में उसी स्तर से पढ़ाई दोबारा शुरू भी कर सकेंगे।
कोर विषयों में बदलाव
अब फिजिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई केवल उतनी ही होगी, जितनी उस ब्रांच के लिए जरूरी हो। इसके साथ ही स्किल-बेस्ड विषय भी जोड़े गए हैं।
कंप्यूटर साइंस में बड़ा बदलाव
पहले सेमेस्टर में अब Python for Problem Solving & Logic विषय पढ़ाया जाएगा, जो पहले केवल सी लैंग्वेज तक सीमित था।
दूसरे सेमेस्टर में कंप्यूटर नेटवर्किंग, सिक्योरिटी और सर्विलांस जैसे उन्नत विषय शामिल किए गए हैं, जिन्हें पहले पांचवें सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग ब्रांच में अब बेसिक ऑफ कंप्यूटर नेटवर्क भी होगा।
डिप्लोमा कोर्सों में स्किल आधारित विषय
डिप्लोमा कोर्स में भी बदलाव किए गए हैं।
पहले सेमेस्टर में फंडामेंटल ऑफ कंप्यूटर एंड आईटी
दूसरे सेमेस्टर में पर्यावरण विज्ञान,
साथ ही इंजीनियरिंग वर्कशॉप और ऑफिस एप्लिकेशन से जुड़े विषयों को भी जोड़ा गया है।
CSVTU कुलसचिव डॉ. अंकित अरोरा के अनुसार, नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए सभी तकनीकी कोर्सों के सिलेबस को अपडेट किया गया है, जिससे छात्र न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बनें, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को भी समझ सकें।
जल्द ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी
PET और PPHST जैसी प्रवेश परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं, जिनके परिणाम आने के बाद जुलाई-अगस्त से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।