दुर्ग जिले में अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों में पेट्रोल नहीं डल सकेगा। सड़क हादसों को कम करने और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस अभियान की गाइडलाइन समझाई गई।
बैठक में एडीएम अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि सड़क हादसों में ज्यादातर मौतें सिर पर गंभीर चोट लगने से होती हैं। हेलमेट पहनने से बड़े हादसों में भी जान बचाई जा सकती है। इसलिए ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम को पूरी गंभीरता से लागू करना जरूरी है।

एएसपी शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में सभी की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पंप पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध होंगे और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने निर्देशों के पालन पर सख्ती बरतने की बात कही और आश्वासन दिया कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस तुरंत मदद करेगी। प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर भी उपलब्ध कराए।
पंप संचालकों ने भी नियम का समर्थन किया और कहा कि यह समाज के हित में है। प्रशासन की ओर से यह भी तय किया गया कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ के बैनर लगाए जाएंगे और लोगों को हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
अब जिले के हर पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोग सुरक्षा को लेकर अधिक जिम्मेदार होंगे।