छत्तीसगढ़ के नवतपा क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर अचानक पलटा मारा है। सुबह तेज धूप और 42°C तक पहुंचते तापमान में लोग तपते रहे, लेकिन दोपहर में हुई थोड़ी सी बारिश ने उन्हें गर्मी से कुछ राहत दी। हालांकि, इसके तुरंत बाद मौसम में बढ़ी उमस ने परेशानी दोगुनी कर दी और लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इससे स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें भी बढ़ने लगीं, खासकर वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के मामले आम हो गए हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून की शुरूआत की पुष्टि की है, लेकिन राजनांदगांव जिले में अभी तक यह पूर्ण रूप से सक्रिय नहीं हुआ है। यहाँ अभी जो बारिश हो रही है, उसे प्री-मानसून बारिश माना जा रहा है। तकनीकी रूप से, पूरे जून से सितंबर तक की वर्षा ही मानसून वर्षा के रूप में दर्ज होती है।
रविवार को नवतपा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई, साथ में तेज हवा भी चली। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा कई निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना संक्रमण के डर से लोग सरकारी संस्थानों की बजाय निजी अस्पतालों में जा रहे हैं।
बारिश का सीधा असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिल रहा है। चार दिनों तक चली बारिश ने खरीफ सीजन की तैयारियों को गति दी है। किसान खाद, बीज की व्यवस्था कर खेतों की साफ-सफाई और जुताई कर रहे हैं, वहीं धान के रोपण के लिए नर्सरी तैयार कर रहे हैं। लेकिन, DAP खाद, बीज और दवाइयों की बढ़ी कीमतें उनकी आर्थिक हालत पर भारी पड़ रही हैं, कहते हैं कि हर साल खेती महंगी होती जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 44°C तक पहुंच सकता है। 12 जून से शुरू होने वाले आषाढ़ में 14 जून को अच्छी बारिश की संभावना है, जो खेती-किसानी को और मजबूती देगी और किसान अपने खेतों को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे।