छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मां-बेटी की रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। मामला तिल्दा के खरोरा थाना क्षेत्र के पचरी गांव का है, जहां बलौदाबाजार निवासी 55 वर्षीय बिंद बाई चतुर्वेदी रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई के घर आई थीं। उनके साथ 30 वर्षीय बेटी उषा मनहरे और बेटा भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, 9 अगस्त की शाम रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा था, तभी अचानक बिंद बाई और उषा घर के अंदर तड़पने लगीं। इस दौरान बिंद बाई का बेटा तालाब से लौटकर आया और मां-बेटी को जमीन पर गिरा हुआ देखा। उसने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और स्थानीय डॉक्टर को सूचना दी। हालांकि, डॉक्टर ने हालत गंभीर देख इलाज करने से मना कर दिया। घटना के वक्त मृतका का भाई घर पर मौजूद नहीं था।
पड़ोसियों का कहना है कि सुबह से घर में झगड़े की आवाजें आ रही थीं, हालांकि विवाद का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस का मानना है कि इस झगड़े का घटना से संबंध हो सकता है और संभावना है कि मां-बेटी को जहर दिया गया हो।
खरोरा थाना प्रभारी कृष्णा कुशवाहा ने बताया कि प्राथमिक जांच में जहर से मौत की आशंका है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।