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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, गरज-चमक और बारिश के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना

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छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला, गरज-चमक और बारिश के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज

छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि देखी जा सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल से मौसम अधिक सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर वज्रपात व अंधड़ की संभावना भी जताई गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव के संकेत

राज्य में आगामी 48 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि संभावित है। हालांकि, अगले पांच दिनों में तापमान में बहुत अधिक परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की गिरावट देखी जा सकती है।

बारिश और गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले पांच दिनों तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से 14 अप्रैल से गरज-चमक की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में वज्रपात और अंधड़ चलने की भी चेतावनी दी गई है।

बीते 24 घंटों का मौसम हाल

पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। प्रमुख आंकड़ों के अनुसार लोहंडीगुडा और देवभोग में 1 सेमी वर्षा हुई है।

तापमान के ताज़ा आंकड़े

राजनांदगांव में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रहा।

राजधानी रायपुर के लिए विशेष पूर्वानुमान

रायपुर में 14 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

सक्रिय वायुमंडलीय प्रणालियाँ

मौसम में यह परिवर्तन कई सक्रिय वायुमंडलीय प्रणालियों के कारण हो रहा है। इनमें 5.8 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय एक पश्चिमी विक्षोभ, 0.9 किमी की ऊंचाई पर दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण, और तेलंगाना तक विस्तारित एक द्रोणिका शामिल है। साथ ही, बिहार से उड़ीसा तक फैली एक अन्य द्रोणिका भी सक्रिय है।

जनजीवन पर असर और सतर्कता की आवश्यकता

इन सभी मौसमीय गतिविधियों के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।