रायपुर :माना बस्ती में मंगलवार रात हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासी आराधना बर्मन के बेटे आशीष बर्मन पर कथित रूप से सरपंच पति लैखू बैस ने नशे की हालत में हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लैखू बैस गांजा और शराब के नशे में धुत था और फिल्मी अंदाज में एंट्री करते हुए पहले दो गौवंशों को कुचल दिया, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ। इसके बाद उसने आशीष बर्मन पर डंडों और मुक्कों से बर्बर हमला किया और चाकू से गला रेतने की धमकी भी दी।
आश्चर्यजनक रूप से, दर्ज एफआईआर में गौवंश की हत्या का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह आरोप भी लगाया गया है कि आरोपी लैखू बैस एक आदतन अपराधी है, जिस पर पूर्व में भी हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं और वह जेल की सजा काट चुका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लैखू बैस को भाजपा विधायक मोतीलाल साहू का संरक्षण प्राप्त है और माना थाना उसके रसूख के आगे झुक गया है। यही वजह है कि इतने संगीन आरोपों के बावजूद आरोपी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और वह खुलेआम घूम रहा है।
48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। गृह मंत्री विजय शर्मा की चुप्पी और निष्क्रियता को लेकर जनता में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था का हाल यह है कि माना थाना से जुआ का पैसा तक गायब हो जाता है और कोई पूछने वाला नहीं है।
प्रदेश में अपराधियों के बढ़ते मनोबल और प्रशासन की ढीली पकड़ को देखते हुए यह मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।