छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक कथित लव-जिहाद के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को हिंदू जागरण मंच ने इस मुद्दे को लेकर अपर कलेक्टर एवं जिला विवाह अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिए हैं कि वे मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों की वैधता की जांच करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटघोरा के रहने वाले तौसीफ मेमन और एक युवती ने विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत शादी के लिए आवेदन किया है। नियमानुसार, आवेदन के बाद सार्वजनिक सूचना (इश्तिहार) जारी की गई, लेकिन इसके बाद युवती की मां और राजपूत क्षत्रिय समाज के सदस्यों ने इस विवाह पर आपत्ति जताई है।
नाम बदलकर दस्तावेज पेश करने का आरोप
विवाद की मुख्य वजह यह है कि विवाह आवेदन में युवती का नाम “सोना मेमन” के रूप में दर्ज किया गया है। आरोप है कि यह नाम बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के जबरन लिखा गया और उसे शादी के दस्तावेजों में जोड़ा गया। इसे षड्यंत्रपूर्वक की गई धोखाधड़ी करार दिया जा रहा है, जिसके जरिए प्रशासन और न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की गई है।
युवती को दबाव में लाने का दावा
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि युवती को डरा-धमका कर और लालच देकर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) ले जाया गया, जहां उससे जबरन सहमति दिलवाई गई। यह कथित सहमति बाद में बिलासपुर हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई।
जांच के आदेश
हिंदू संगठनों ने इसे कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। अपर कलेक्टर और विवाह अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।