रांची/रायपुर, जुलाई 2025।
झारखंड में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ कनेक्शन की पुष्टि के बाद अब कार्रवाई तेज हो गई है। झारखंड ACB ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों – अतुल कुमार सिंह और मुकेश मनचंदा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के लिए पहले बुलाया गया था, लेकिन जवाबों से संतुष्ट न होने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
छत्तीसगढ़ मॉडल पर हुआ झारखंड में गबन
ACB की जांच में सामने आया है कि झारखंड में शराब वितरण प्रणाली में छत्तीसगढ़ जैसी हेराफेरी की गई। टेंडर प्रक्रिया में फर्जी मैनपावर दिखाया गया, वेतन के आंकड़े फर्जी रूप से बढ़ाए गए और दस्तावेजों के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। यह सब कुछ विधु गुप्ता की एजेंसी के माध्यम से हुआ।
अब तक 10 गिरफ्तारियां, और बढ़ सकती है संख्या
इस घोटाले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हाल ही में प्रिज्म होलोग्राफी के एमडी विधु गुप्ता और उत्पाद विभाग के पूर्व सचिव विनय चौबे को भी पकड़ा गया था। बताया गया है कि विधु गुप्ता की कंपनी ने छत्तीसगढ़ में शराब पर नकली होलोग्राम सप्लाई कर वहां भी घोटाले को अंजाम दिया था।

नेटवर्क में अहम कड़ी हैं अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा
ACB का मानना है कि अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा, विधु गुप्ता के नेटवर्क की मुख्य कड़ियां हैं। ये लोग सप्लायर, ठेकेदार और अफसरों के साथ मिलकर टेंडर, पेमेंट और सैलरी हेराफेरी जैसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ के अधिकारियों पर भी बढ़ेगा दबाव
जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के बाद छत्तीसगढ़ के कई कारोबारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है। यह आशंका जताई जा रही है कि इस घोटाले की जड़ें मल्टी-स्टेट नेटवर्क तक फैली हुई हैं, जिसमें कई रसूखदार नाम भी शामिल हो सकते हैं।
निष्कर्ष:
शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ से जुड़े कारोबारियों की गिरफ्तारी के बाद मामला अब और गंभीर हो गया है। ACB की पूछताछ के बाद यह घोटाला और बड़े स्तर पर उजागर हो सकता है, जिसमें नई गिरफ्तारियों और बड़े खुलासों की पूरी संभावना है।