छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही और समय-सीमा के उल्लंघन पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 70 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई जल जीवन मिशन के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक के हालिया मुंगेली दौरे के बाद सामने आई है। उन्होंने कलेक्टर कुंदन कुमार के साथ जिले के विभिन्न गांवों में पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जहां कई योजनाएं तय समय-सीमा से पीछे चल रही थीं। निरीक्षण में यह पाया गया कि कार्यों में ठेकेदारों की लापरवाही और उदासीनता प्रमुख कारण बनकर उभरी है।

सचिव हक ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों को समय पर शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में कार्यों की गति तेज की जाए और लापरवाह ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य 2024 तक सभी ग्रामीण घरों में नल के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। हालांकि, विभिन्न राज्यों में कार्यों की प्रगति में देरी और गुणवत्ता संबंधी मुद्दों के कारण मिशन की समय-सीमा को लेकर चिंता जताई गई है।
मुंगेली जिले में ठेकेदारों को जारी नोटिस इस बात का संकेत है कि विभाग अब लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और समय पर कार्य पूर्ण करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।