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यूरिया वितरण में अनियमितता, निजी कृषि केंद्र सील

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यूरिया वितरण में अनियमितता, निजी कृषि केंद्र सील

डौंडी नगर के मथाई चौक स्थित निजी संगवारी कृषि केंद्र में यूरिया वितरण में भारी गड़बड़ी सामने आई है। बुधवार को 24 किसानों से 35 बैग यूरिया बांटे जाने का दावा केंद्र संचालक द्वारा पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर किया गया, लेकिन वितरण नहीं हुआ। इस धोखाधड़ी के विरोध में किसान दुकान के सामने धरना देने बैठ गए।

इससे पहले मंगलवार को डौंडी सहकारी समिति द्वारा 438 बैग और बुधवार को 225 बैग यूरिया वितरित करने की बात कही गई थी, लेकिन पर्ची मिलने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं दी गई। मजबूरन किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ा।

पर्चियों में गड़बड़ी उजागर

धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर तहसीलदार देवेंद्र नेताम, आरआई एसएन सोनेश्वर और भारत भूषण मौके पर पहुंचे। कृषि अधिकारी अनुपस्थित रहे। जांच के दौरान किसानों ने बताया कि वितरण पर्चियों में तारीखों को लेकर भारी अनियमितता है। किसी पर्ची में तारीख नहीं तो किसी में पिछली तारीख दर्ज थी। कुछ किसानों को सादे कागज पर तीन बोरी यूरिया बाद में देने का वादा कर पहले से टरकाया जा रहा है।

संचालक फरार, दुकान सील

किसानों ने यह भी बताया कि बुधवार को संचालक ने उनसे पैसे लिए और अंगूठा लगवाकर कहा कि स्टॉक खत्म हो गया है। किसान दिनभर भूखे-प्यासे यूरिया की उम्मीद में बैठे रहे, लेकिन संचालक दुकान छोड़कर भाग गया। पॉस मशीन और गोदाम की चाबी भी गायब कर दी गई।

शाम को जब कृषि विभाग के एसडीओ महेश कुमार केंद्र पहुंचे तो संचालक अब भी नदारद था। जांच में पाया गया कि गोदाम में यूरिया स्टॉक मौजूद था, लेकिन उसे छुपाकर किसानों और अधिकारियों को गुमराह किया गया। इसके बाद तहसीलदार ने पुलिस की मौजूदगी में पंचनामा बनाकर दुकान और गोदाम को सील कर दिया। मामले की जानकारी कलेक्टर को भी दी गई है।

राजनीतिक गर्मी भी दिखी

दुकान सील करते समय कांग्रेस नेता कोमलेंद्र चंद्राकर और तहसीलदार के बीच तीखी बहस भी हुई। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि यदि अधिकारी चाहते तो शासकीय कार्य में बाधा डालने के तहत कार्रवाई कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और किसानों के साथ खुले धोखे का उदाहरण बन गया है। किसानों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।