Home Chhattisgarh news इंटरस्टेट बसों पर कसा शिकंजा: सिर्फ 300 बसों को परमिट, बाकी पर सख्त कार्रवाई

इंटरस्टेट बसों पर कसा शिकंजा: सिर्फ 300 बसों को परमिट, बाकी पर सख्त कार्रवाई

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इंटरस्टेट बसों पर कसा शिकंजा: सिर्फ 300 बसों को परमिट, बाकी पर सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ से अन्य राज्यों की ओर चलने वाली इंटरस्टेट बसों पर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि महज 300 बसों के पास ही वैध अंतरराज्यीय परमिट है, जबकि प्रतिदिन 500 से अधिक बसें राज्य की सीमाएं पार कर रही हैं। इससे परिवहन विभाग को भारी टैक्स नुकसान हो रहा है।

विशेष जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई बस संचालक एक दिन का स्पेशल परमिट लेकर उसमें हेराफेरी कर उसे स्थायी बनाकर उपयोग कर रहे हैं। इस फर्जीवाड़े के तहत बसें छत्तीसगढ़ से बाहर भेजी जा रही हैं। सड़कों और टोल नाकों पर जांच में ढिलाई और कुछ जगहों पर मौके पर लेन-देन कर बसों को निकल जाने दिया जा रहा था।

हालांकि अब इस पूरे नेटवर्क पर लगाम कस दी गई है। परिवहन विभाग की एक महीने लंबी जांच के बाद इस गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद उड़नदस्तों और परिवहन निरीक्षकों की टीमें अलग-अलग रूटों पर तैनात कर दी गई हैं।

राज्य की सीमा से बाहर जाने वाली बसों को अब मार्ग में रोककर जांच की जा रही है, खासकर रांची, नागपुर, हैदराबाद, बंगलुरु, इलाहाबाद जैसे शहरों के लिए जाने वाली बसें निशाने पर हैं।

पिछले एक सप्ताह में ही 124 बसों पर कार्रवाई कर 2 लाख से अधिक जुर्माना वसूला जा चुका है। ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अलग-अलग दिनों के लिए नई टीमें तैनात की जा रही हैं।

परमिट जारी करने की प्रक्रिया हुई सख्त

आरटीओ कार्यालय में अब अस्थायी परमिट जारी करने से पहले गहन जांच की जा रही है। परमिट के लिए मांगे गए रूट, ठहराव स्थल, वापसी की तारीख सहित सभी जानकारियां स्कैन की जा रही हैं।

इसके साथ ही परिवहन निरीक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि जिन बसों का परमिट समाप्त हो रहा है, उस तारीख को वे मौके पर जाकर देखें कि बस समय पर वापस आई या नहीं।

यातायात संघ ने जताया विरोध

परिवहन विभाग की इस सख्ती का यातायात संघ ने विरोध किया है। उनका कहना है कि रास्ते में जांच के चलते यात्रियों को काफी असुविधा होती है। कई बार बसों को रोके जाने से लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हो जाते हैं।

परिवहन विभाग का रुख स्पष्ट

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने कहा है कि एक दिन के परमिट का दुरुपयोग रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है। पहले भी इस आधार पर जुर्माना वसूला गया है और यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।