बस्तर जिले के ग्राम सुरडोंगर निवासी श्रवण सलाम की बीमा क्लेम राशि को लेकर चल रहे विवाद में राज्य उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस को मृतक की पत्नी को 50 लाख रुपए बीमा राशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित और अतिरिक्त 16 हजार रुपए मानसिक क्षति एवं वाद व्यय के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया है।
श्रवण सलाम ने 2019 में एसबीआई लाइफ से जीवन बीमा कराया था और नियमित रूप से प्रीमियम का भुगतान कर रहे थे। लेकिन 16 जून 2021 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी सावित्री सलाम ने बीमा क्लेम किया, जिसे कंपनी ने यह कहकर खारिज कर दिया कि उन्होंने बीमा फॉर्म में अपनी पूर्व की बीमारियों (डायबिटीज और हृदय रोग) की जानकारी नहीं दी थी।
कंपनी का तर्क था कि एम्स रायपुर के रिकॉर्ड में उनके पूर्व रोगों का उल्लेख है, इसलिए क्लेम अस्वीकार किया गया। इस पर सावित्री ने जिला उपभोक्ता आयोग कांकेर में परिवाद दायर किया, जहां आयोग ने बीमा कंपनी को भुगतान का निर्देश दिया। इस फैसले को चुनौती देते हुए कंपनी ने राज्य आयोग में अपील की, लेकिन वहां भी कंपनी को राहत नहीं मिली।
राज्य आयोग के अध्यक्ष गौतम चौरडिया ने कहा कि केवल चिकित्सीय टीप को आधार बनाकर क्लेम खारिज करना उचित नहीं है, खासकर जब कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण नहीं प्रस्तुत किया गया हो। आयोग ने स्पष्ट कहा कि कंपनी बीमा राशि सहित ब्याज और हर्जाना देने के लिए बाध्य है।