Home Chhattisgarh news शासकीय स्कूलों में नवाचार: अब यू-आकार में बैठेंगे छात्र, सभी होंगे बराबरी पर

शासकीय स्कूलों में नवाचार: अब यू-आकार में बैठेंगे छात्र, सभी होंगे बराबरी पर

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शासकीय स्कूलों में नवाचार: अब यू-आकार में बैठेंगे छात्र, सभी होंगे बराबरी पर

रायपुर के शासकीय स्कूलों में शिक्षण पद्धति को और अधिक संवादात्मक व प्रभावी बनाने के लिए एक नई पहल की गई है। अब छात्रों को पारंपरिक पंक्ति दर पंक्ति बैठाने के बजाय यू-शेप (U-आकार) में बैठाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में शिक्षक कक्षा के बीचों-बीच रहकर हर छात्र से संवाद स्थापित करते हैं। इससे बच्चों की भागीदारी और ध्यान दोनों में इजाफा हो रहा है।

नई व्यवस्था के पीछे उद्देश्य
यू-आकार में बैठाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर बच्चा शिक्षक के सीधे संपर्क में रहे और उसे खुद को अभिव्यक्त करने का बराबर अवसर मिले। साथ ही, छात्र-छात्राओं के बीच संवाद, सहयोग और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा मिले। इस मॉडल को पहले केरल, त्रिपुरा और चंडीगढ़ जैसे राज्यों में अपनाया गया था, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे।

‘बैक बेंचर’ की मानसिकता खत्म
यू-शेप बैठने की व्यवस्था से “बैक बेंचर” जैसी मानसिकता समाप्त हो रही है। अब कोई भी छात्र आगे या पीछे बैठने वाला नहीं कहलाएगा। इससे न सिर्फ समानता का भाव पैदा हो रहा है बल्कि कमजोर या शर्मीले छात्रों को भी आत्मविश्वास मिल रहा है।

शिक्षकों और छात्रों की राय
शिक्षकों का कहना है कि इस मॉडल से छात्र पहले की तुलना में अधिक सक्रिय हो गए हैं। वे पढ़ाई को एक बोझ नहीं, बल्कि आनंददायक अनुभव के रूप में लेने लगे हैं। बच्चे चर्चा में खुलकर हिस्सा लेते हैं और अपनी बात रखने में हिचक नहीं दिखाते।

यू-शेप बैठने से मिल रहे फायदे:

  • शिक्षक की नजर सभी बच्चों पर समान रूप से रहती है।

  • बच्चों के साथ सीधा आई-कॉन्टेक्ट संभव होता है।

  • हर छात्र से बातचीत करना और उनके कार्य पर नजर रखना आसान होता है।

  • कोई छात्र पीछे बैठने की वजह से नजरअंदाज नहीं होता।

  • दृष्टि संबंधी या आत्मविश्वास की कमी जैसे मुद्दों में कमी आ रही है।

यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय प्रयास के रूप में सामने आई है, जो शासकीय स्कूलों के माहौल को अधिक समावेशी और प्रेरक बना रही है।