Home Chhattisgarh news आईजीकेवी में इंडक्शन प्रोग्राम: कृषि शिक्षा में रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अपार संभावनाएं

आईजीकेवी में इंडक्शन प्रोग्राम: कृषि शिक्षा में रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अपार संभावनाएं

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आईजीकेवी में इंडक्शन प्रोग्राम: कृषि शिक्षा में रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अपार संभावनाएं

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में 18 अगस्त को इंडक्शन प्रोग्राम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने प्रेरणादायी संबोधन के साथ किया।

उन्होंने कहा कि कृषि केवल खेती तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसमें स्टार्टअप, वैल्यू-एडिशन, रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों में व्यापक अवसर मौजूद हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि चावल की भूसी (राइस हस्क) से नैनो-सिलिकेट्स, ऊर्जा, बिल्डिंग मटेरियल और बायोचार जैसे अनेक उत्पाद बनाए जा सकते हैं। यह अवधारणा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ को साकार करती है।

प्रो. प्रकाश ने छात्रों से कहा कि सफलता का कोई त्वरित मार्ग नहीं होता। जहां कुछ लोग असाधारण प्रतिभा से सफल होते हैं, वहीं अधिकांश को मेहनत और लगन से ही मंजिल मिलती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सिलेबस को समय पर पूरा करें और अतिरिक्त समय रिसर्च व प्रोजेक्ट कार्यों में लगाएं।

उन्होंने मल्टी-डिसिप्लिनरी लर्निंग और एआई से जुड़ने पर जोर देते हुए कहा कि कृषि स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी भिलाई और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर फंडिंग और सहयोग की सुविधा उपलब्ध है।

अपने उद्बोधन में उन्होंने भारतीय पारिवारिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को और मजबूत बनाता है।