Home Chhattisgarh news Bhilai news हाईकोर्ट ने मांगा सिटी बस सेवा का रोडमैप: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप

हाईकोर्ट ने मांगा सिटी बस सेवा का रोडमैप: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप

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हाईकोर्ट ने मांगा सिटी बस सेवा का रोडमैप: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप

बिलासपुर हाईकोर्ट में शहर की बंद पड़ी सिटी बस सेवा को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की बेंच ने परिवहन सचिव सह आयुक्त एस. प्रकाश से सवाल किया कि जब ग्राउंड पर बसें नहीं चल रहीं, तो शपथपत्र में 6 में से 5 बसों के चालू होने की बात क्यों कही गई। इस पर अधिकारियों ने सफाई दी कि नगर निगम से मिली जानकारी के आधार पर जवाब दाखिल किया गया था। अदालत ने राज्य सरकार से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की खराब स्थिति पर ठोस योजना पेश करने को कहा है। अब अगली सुनवाई 22 अगस्त को होगी।

10 साल में 187 से घटकर 35 बसें रह गईं

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि प्रदेश के बड़े शहरों—रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई—में सिटी बसों की हालत बेहद खराब है। 2015 में जहां 187 बसें सड़कों पर दौड़ती थीं, आज सिर्फ 35 ही रह गई हैं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान महीनों खड़ी रहीं बसें जंग खा गईं और बाद में कबाड़ में तब्दील हो गईं। कुछ जो चलने लायक थीं, वे भी लगातार खराबी और मेंटनेंस की कमी के कारण धीरे-धीरे बंद हो गईं।

रायपुर: सिर्फ 25-30 बसें, ई-बसों का इंतजार

राजधानी रायपुर में 2008 में सिटी बस सेवा शुरू हुई थी। अब हाल यह है कि केवल 25-30 बसें ही चार-पांच रूट्स पर चल रही हैं, वो भी लंबे इंतजार के बाद। पिछले 17 सालों में करीब 235 बसें खरीदी गई थीं, जिनमें से 199 कंडम हो चुकी हैं। अभी सिर्फ 36 बसें बची हैं। कोरोना से पहले 67 बसें सड़क पर थीं। अब समिति को केंद्र सरकार से मिलने वाली 100 ई-बसों का इंतजार है, जो अक्टूबर-नवंबर तक आने की उम्मीद है।

बिलासपुर: 2.5 करोड़ रिपेयरिंग पर खर्च, नतीजा शून्य

बिलासपुर में 10 साल पहले 50 बसें 10 रूटों पर दौड़ती थीं। कोरोना के बाद सभी बसें डिपो में खड़ी-खड़ी खराब हो गईं। 2023 में नया टेंडर होने पर 40 बसें चलाने लायक थीं, लेकिन आज सभी ठप हो चुकी हैं। पिछले दो साल में रिपेयरिंग पर 2.5 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, मगर हालत जस की तस है। अब सूडा ने 3 बसों की मरम्मत के लिए 12.55 लाख की मंजूरी दी है।

भिलाई: 70 बसें कबाड़, नीलामी की तैयारी

दुर्ग-भिलाई में 2015 में 20 करोड़ की लागत से 70 बसें खरीदी गई थीं। शुरुआत में प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया गया था, लेकिन कोविड के दौरान हुए घाटे के बाद एजेंसी पीछे हट गई। इसके बाद ज्यादातर बसें डिपो में खड़ी-खड़ी कंडम हो गईं। कुछ बसें तो इंजन और पार्ट्स तक से खाली हैं। फिलहाल निगम इन्हें नीलाम करने की तैयारी में है।

👉 कुल मिलाकर, प्रदेश के बड़े शहरों में सिटी बस सेवा लगभग ठप हो चुकी है और लोग वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हैं। अब सारी उम्मीदें केंद्र से मिलने वाली ई-बस योजना पर टिकी हैं।