Home Chhattisgarh news पिता ने बेटे के संघर्ष को याद किया – मंत्री बने गजेंद्र यादव

पिता ने बेटे के संघर्ष को याद किया – मंत्री बने गजेंद्र यादव

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पिता ने बेटे के संघर्ष को याद किया – मंत्री बने गजेंद्र यादव

दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव ने बुधवार को मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर उनके पिता और आरएसएस के प्रांत संघ संचालक रहे बिसरा राम यादव ने बेटे के संघर्ष भरे दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि गजेंद्र बचपन से ही जुझारू और मेहनती रहे। घर में लगे मुनगा के पेड़ से मुनगा तोड़कर बाजार में बेचते थे और बाद में गाय पालकर दूध भी बेचा। अपनी कमाई से उन्होंने 13-14 एकड़ जमीन खरीदी और आज भी खेती से जुड़े हुए हैं।
गजेंद्र की शिक्षा दुर्ग के मारवाड़ी विद्यालय और शासकीय स्कूल से हुई। राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर और आईटीआई फिटर ट्रेड में प्रशिक्षित गजेंद्र का राजनीतिक सफर वार्ड अध्यक्ष से शुरू होकर अब मंत्री पद तक पहुँचा है। उनके पिता ने उन्हें सलाह दी – “मोतीलाल वोरा की तरह सरल और मिलनसार बनना, जनता की सेवा ही सबसे बड़ी राजनीति है।”


 मंत्री बने राजेश अग्रवाल – मां बोलीं यह परिवार का आशीर्वाद

लखनपुर विधायक राजेश अग्रवाल ने पर्यटन और संस्कृति मंत्री के रूप में शपथ ली। इस खुशी के मौके पर उनके गृह क्षेत्र लखनपुर और अंबिकापुर में उत्साह का माहौल रहा। अग्रवाल ने 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को हराकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
राजनीति में अग्रवाल की शुरुआत पंचायत स्तर से हुई थी। पहले पंच, फिर उपसरपंच और नगर पंचायत अध्यक्ष बने। साल 2019 में कांग्रेस से अलग होकर उन्होंने भाजपा का दामन थामा और अब मंत्री बने। उनकी मां ने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा – “यह परिवार की मेहनत और दिवंगत पिता चांदी अग्रवाल की छवि का आशीर्वाद है।”


 सतनामी समाज से मंत्री पद तक – गुरु खुशवंत साहेब

आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब को भी बुधवार को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। तकनीकी शिक्षा में माहिर खुशवंत साहेब ने 2017 में मेट्स यूनिवर्सिटी से टर्बो मशीनरी में एमटेक किया और फिलहाल पीएचडी कर रहे हैं। वे अविवाहित हैं और 2023 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुँचे।
गुरु खुशवंत, सतनामी समाज के धर्मगुरु राजगुरु बालदास साहेब के बेटे हैं। समाज में उनकी पैठ और प्रभाव काफी गहरा है। उन्होंने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे शिवकुमार डहरिया को हराकर राजनीतिक हलचल मचाई थी। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनने के बाद अब उन्हें मंत्री पद मिला है।
गुरु खुशवंत का कहना है कि वे युवाओं और समाज के विकास को प्राथमिकता देंगे।