छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मोक्षित कॉर्पोरेशन से जुड़े कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह 6 बजे गंजपारा क्षेत्र में शुरू हुई। इस दौरान एजेंसियों की आठ गाड़ियों में सवार अधिकारी मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शांतिलाल चोपड़ा के तीनों बेटों – सिद्धार्थ, शशांक और शरद चोपड़ा – के घर और कार्यालयों पर पहुंचे।
छापे के दौरान दो दर्जन से अधिक ईडी अधिकारी मौजूद थे और सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया था। यह कार्रवाई देर शाम तक चली।
यह छापेमारी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में हुए कथित 650 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच के तहत की गई है। इस घोटाले की पहले भी आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और ACB द्वारा जांच की जा चुकी है।
मोक्षित कॉर्पोरेशन, जो राज्य में मेडिकल उपकरण और दवाओं की सप्लाई से जुड़ी हुई है, पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी में थी। ताजा कार्रवाई में चोपड़ा परिवार से संबंधित ठिकानों से कई जरूरी दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किए गए हैं। सूत्रों का दावा है कि छापे के दौरान एक युवक को भी एजेंसियां अपने साथ ले गईं हैं, जिससे पूछताछ की जा सकती है।
ईडी की यह छापेमारी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सबसे बड़े घोटालों में से एक पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम मानी जा रही है।