Home Chhattisgarh news Bhilai news रायपुर सहित कई शहरों में ED की छापेमारी, कृषि कारोबारियों के ठिकानों से दस्तावेज जब्त

रायपुर सहित कई शहरों में ED की छापेमारी, कृषि कारोबारियों के ठिकानों से दस्तावेज जब्त

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रायपुर सहित कई शहरों में ED की छापेमारी, कृषि कारोबारियों के ठिकानों से दस्तावेज जब्त

रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मंगलवार तड़के कृषि कारोबारियों के घरों और दफ्तरों पर बड़ी कार्रवाई की। यह छापेमारी DMF घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों ने शंकर नगर स्थित खाद व्यापारी विनय गर्ग के घर, लॉ विस्टा कॉलोनी में पवन पोद्दार और सतपाल छाबड़ा के ठिकानों पर दबिश दी। यहां टीम कारोबार से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है।

इसके साथ ही दुर्ग-भिलाई और गरियाबंद जिले के राजिम में भी ईडी ने एक्शन लिया।

भिलाई में कई जगह रेड

भिलाई-3 के वसुंधरा नगर और शांति नगर में छापे पड़े। वसुंधरा नगर स्थित अन्ना एग्रो टेक प्रा. लि. के दफ्तर से वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागज जब्त किए जा रहे हैं। वहीं, शांति नगर में चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य दीनोदिया अग्रवाल के निवास पर भी कार्रवाई हुई।

राजिम में कारोबारियों पर शिकंजा

गरियाबंद जिले के राजिम में कृषि उपकरण सप्लायर उगम राज कोठारी के घर और दुकान पर ईडी की टीम पहुंची। घर को चारों ओर से सील कर दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।

कांग्रेस का आरोप – विपक्ष को डराने की कोशिश

ईडी की कार्रवाई पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा विपक्ष को डराने के लिए छापे मरवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि शराब, धान खरीदी और बस्तर ओलंपिक जैसे मामलों की भी जांच कराए।

क्या है DMF घोटाला?

जांच में सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) के तहत टेंडरों के आवंटन में भारी गड़बड़ी हुई। ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियम बदले गए और कमीशन बांटा गया। आरोप है कि कलेक्टर को 40%, सीईओ को 5%, एसडीओ को 3% और सब इंजीनियर को 2% तक हिस्सा मिलता था।

कोरबा जिले में सामने आए इस घोटाले की रकम 575 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। एसीबी ने कोर्ट में 6 हजार पन्नों का चालान भी पेश किया है।

ED की अब तक की कार्रवाई

जांच के दौरान कई फर्जी कंपनियों, नकली दस्तावेजों और भारी मात्रा में कैश का खुलासा हुआ है। अब तक 76.50 लाख नकद और 35 लाख से अधिक की बैंक राशि जब्त की जा चुकी है। वहीं, कई डिजिटल उपकरण और स्टाम्प पेपर्स भी कब्जे में लिए गए हैं।

इसके पहले भी ईडी 23.79 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर चुकी है, जिसमें निलंबित IAS रानू साहू और अन्य आरोपियों की संपत्तियां शामिल हैं।